मेरे भाई और उसके दोस्त ने मुझे चुदक्कड बना दिया


Click to Download this video!

loading...

हेल्लो मेरा नाम अनुपमा पाठक है और यह कहानी मेरे बारे में है की कैसे मेरे भाई और उस के दोस्तों ने मेरे बॉय फ्रेंड के बजाय उन लोगो ने जबरदस्ती मेरी सील तोड़ी. चुदने बैठी थे अपने बॉय फ्रेंड से और चोद दिया भाई और उस के दोस्तों ने मस्ताराम.नेट वेब साईट मेरे भाई ने मुझे बताई थी यहाँ की कहानिया पढ़ के ऐसा लगा की मुझे भी अपनी कहानी लिखनी चाहिए. मेरे भाई ने ही मुझे चुदक्कड बना दिया है मतलब की चालू भाषा में मुझे उसने चुदेल बना दिया है अब तो चुदे बिना ऐसा लगता ही नहीं की जिन्दगी है बस चुदवाते रहो हर तरीके से लंड लेते रहो बस चले तो २४ घंटे चूत का बजा बजवाते रहो.एक दिन की बात है की मम्मी पापा दो दिनों के लिए बाहर जाने वाले थे तो उन्होंने मेरे भाई से कहा की घर का ख्याल रखना कही जाना नहीं तुम और अनुपमा को ही रहना है दो दिन अकेले तो उस पर ऋषि (भाई ) ने कहा की पापा आज मेरा क्रिकेट मेच है मैं नहीं रुकुंगा शाम को वापस आ जाऊंगा तो पापा ने कहा की बेटा अनुपमा ऐसा करना की शाम तक के लिए किसी सहेली को बुला लेना मैंने कहा ठीक है पापा वोह लोग ११ बजे की ट्रेन से चले गए और भाई भी आधे घंटे बाद यह कह के चला गया की मैं जा रहा हूँ तू किसी सहेली को बुला ले मैं पांच या छः बजे तक आ जाऊंगा. मैंने भी सोचा की क्या फर्क पड़ता है अकेले रह लुंगी जाने देती हूँ ऋषि को. मैं उसके जाने के बाद टी वी देखने बैठ गई थोड़ी देर बाद मैंने सोचा की अब १ बज रहा है नहा धो लेती हूँ फिर कुछ बना लूंगी खाने के लिए तो मैंने अपने ब्रा पेंटी उठाये तोवेल लिया और बाथरूम में घुस गई कपडे उतार के घर में कोई था नहीं तो कोई टेंशन भी नहीं थीजवान तो मैं हो ही गई थी पर कमाल की बात थी की मैंने अभी तक किसी से चुदवाया नहीं था बस कभी कभी अपनी चूत में ऊँगली डाल के उस को मज़े दिला लेती थी आज भी अकेली थी तो बाथरूम में जब मैं नंगी होके नहाने लगी तो मन किया की क्यूं ना थोडा मजा लिया जाये तो मैं अपनी चूत में उंगी डाल के उसे सहलाने लगी थोडा बहुत मसल मसल के मैंने चूत को गरम कर लिया अपने बूब्स से खेलने लगी उंगली डालने के कारन अब मस्ती छाने लगी थी चूत गरम हो गई थी अचानक मेरे मोबाइल पर किसी का कॉल आया तो मैंने सोचा आने दो नहा के कॉल बैक कर लूंगी पर मोबाइल फिर से बज उठा मुझे बड़ा गुस्सा आया की यहाँ चूत में गर्मी चढ़ रही है जाने कौन है जो मेरी चूत का दुश्मन बना जा रहा है तीसरी बार बजी तो मैंने सोचा की कही पापा का ना हो तो मैं बाथरूम से टॉवेल लपेट के कमरे में आई तो फ़ोन फिर से बज उठा मैंने जल्दी से मोबाइल उठाया तो देखा की धर्मेश ( मेरा बॉय फ्रेंड) का फ़ोन था मैंने हेल्लो बोला तो बोला जान इतना टाइम कैसे लगा किया कॉल ले ने में मैंने कहा की नहा रही थी तुम्हे भी तो चैन नहीं है नहाने भी नहीं दिया ठीक से तो धर्मेश ने शरारत से कहा की वाह जान मैंने भी आ जून क्या नहाने साथ तुम्हारे मैं थोड़ी शर्मा सी गई तो मैंने कहा धत्त शरारती कही की वह हंस पड़ा बोला यार अनुपमा मैं कौन सा आने ही वाला था मरना है | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |  क्या वह आके तुम्हारे मम्मी पापा मुझे मार डालेंगे तो अचानक मेरे मुह से निकल गया की अरे वह लोग तो हैं नहीं यार आज घर में मैं अकेली ही हूँ भाई भी नहीं है तो धर्मेश ने कहा की वाह जानेमन आज तो मौका है आ जाऊं क्या थोड़ी मस्ती हो जाये मैंने कहा की पागलो जैसी बात नहीं करो चलो अब मैं जा रही हूँ नहा के आती हूँ फिर खाना भी बनाना है मुझे अपने लिए तुम्हे क्या है तो वह बोला की जानू मैं पिज्जा ले आता हूँ वही पर थोड़े मजे भी कर लूँगा तुम्हारे साथ मैंने कहा की नहीं नहीं आना मत यहाँ पर उसने कहा की जैसी तुम्हारी मर्ज़ी मैं फिर से बाथरूम में घुस गई और नहाने लगी नहाते नहाते मैंने चूत पर साबुन लगाया अपने नीचे के बालो को भी थोडा सा साबुन लगा के साफ़ किया तो जब मैं चूत पर साबुन लगा रही थी तो चूत में फिर से सनसनाहट होने लगी तो मैंने फिर से उंगली डाल के चूत को रगड़ना शुरू कर दिया अचानक मैं वासना से पागल सी हो गई ऐसा लग रहा था की उफ़ यह पतली सी ऊँगली क्या मज़ा देगी कोई मोटी चीज़ होती तो मजा आ जाता बस यही सोचते हुए अचानक मेरे मन में ख़याल आया की अनुपमा आज चूत की गर्मी निकलने का अच्छा मौका है माँ पापा भी नहीं है भाई शाम तक आने वाला नहीं है तो क्यूं ना धर्मेश को बुला लिया जाये बस यह ख़याल आते ही मैंने चूत से खेलना छोड़ के अपने नीचे के बाल रिमूवर से साफ़ किये ताकि पहली बार चुदने जा रही हूँ तो बॉय फ्रेंड को भी तो मजा आना चाहिए फिर मैंने फटाफट नहाया और बाहर आ के धर्मेश को फ़ोन लगाया की उस ने फ़ोन उठाया तो बोला की जानू क्या हुआ कैसे कॉल किया तो मैंने कहा की पिज्जा खाने का मन हो रहा है ला रहे हो क्या (मैंने उसे यह नहीं बताया की आज मैं चुदाई की आग में जल रही हूँ मैंने सोचा की उस को थोडा सा तडपाऊँगी तो अपने आप ही कहेगा की आज कुछ कर लेने दो मन मत करो ) उसने कहा की जानू तुम्हारे लिए कुछ भी बोलो कब आना है मैंने कहा की आ जाओ जल्दी से भूख लग रही है बड़ी (वह बात अलग है की पिज्जा की नहीं चुदाई की) उस ने कहा की डोमिनो से पिज्जा ले के आ रहा है वह बस थोड़ी देर में.उसके बाद मैंने अपनी एक लेस वाली बढ़िया सी ब्रा और पेंटी निकली और पहन ली बढ़िया परफ्यूम लगाया और एक टॉप निकाल के पहन लिया जींस पहन ही रही थी की ख्याल आया की नहीं जींस नहीं कोई मिनी स्कर्ट पहनी जाये ताकी धर्मेश को रिझाने में आसानी रहेगी तो मैंने एक सेक्सी सी मिनी स्कर्ट पहन ली फिर शीशे में देखा की हाँ अब मैं किसी भी लड़के का लंड खड़ा करने लायक दिख रही हूँ आज धर्मेश मुझे खुद कहेगा की आज मुझे अपनी जवानी का मज़ा ले लेने दो. मैं अपने आप को शीशे में निहार रही थी की घंटी बजी मैं समझ गई की धर्मेश आ गया है पिज्जा ले के मैंने तेज़ी में गेट की तरफ गई और दरवाजा खोला तो वह धर्मेश ही खड़ा था. उस ने मुझे देख के कहा की क्या बात है जानेमन आज तो क़यामत लग रही ही देख के ही बिजली गिर रही है दिल पर मैंने शरमाते हुए कहा की चलो बेकार की बातें मत करो रोज़ जैसी ही तो लग रही हूँ अब जल्दी से अन्दर आ जाओ वरना कालोनी वाले देख ना ले मैंने धर्मेश का हाँथ पकड़ा और उसे अन्दर खीच लिया धर्मेश अन्दर आ गया तो मैं पलट के दरवाजे को लौक लगाने मुड़ी तो उस ने मुझे वापस खीच लिया और अपने होठ मेरे होठों पर रख दिए मुझे बांहों में भर लिया और मुझे किस करने लगा मैं तो आग में जल ही रही थी जवानी की मैंने भी उस को कस के बाहों में भर लिया और उस के होंठों को चूमने लगी मेरा साथ पा के तो धर्मेश पागल सा हो गया उस ने मुझे अपनी बाहों में मसलना शुरू कर दिया जैसे आज मेरा अंग अंग तोड़ देगा मैंने उस के कहा की उफ़ छोडो भी मुझे पिज्जा उस ने जमीन पर छोड़ दिया था | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | और अब मेरे होठो को छोड़ के वह मेरी गर्दन मेरे गाल को चूमते हुए बोल उठा की आज तो ऐसा लग रहा है की कच्चा चबा जाऊं जानेमन कामाल की लग रही हो मैंने कहा हटो भी पिज्जा ठंडा हो रहा है मुझे भूख लगी है उस ने कहा की जानू आज तो तुम इतनी हॉट लग रही हो की पिज्जा भी तुम्हारी जवानी के आगे ठंडा ही लगेगा मैंने उसे धक्का दे कर अपने आप को छुडाया ओउर पिज्जा ले के सोफे पर बैठ गई और टीवी चला लिया तो धर्मेश भी मेरे बगल में आ के बैठ गया उस ने कहा की अनुपमा मैं पिज्जा लगा तो अब कम से कम लेन का मेहनताना तो ले लेने देती ठीक सेमैं हंस पड़ी उसे चिड़ाते हुए मैंने कहा की फिर तो मुझे खुद ही डोमिनो फोन कर के माँगा लेना था और जो पिज्जा देने आता उसे दो चार किस दे के कहती की हो गए तुम्हारे पैसे अब जाओ तो धर्मेश ने कहा की जानेमन वोह चला भी जाता पर अगर उस का खड़ा हो जाता तो तुम्हारी लिए बिना नहीं जाता और कहते हुए उस ने मेरे नंगी जांघ पर हाँथ फेर दिया मैं तो अभी मस्त हो के पिज्जा खाने के नाटक कर रही थी मैंने उसे रोका नहीं तो उस की हिम्मत बड़ी और और ने हाँथ थोड़ा और अन्दर कर दिया अब धर्मेश मेरी स्कर्ट के अन्दर हाँथ ड़ाल के मेरी जांघ को रगड़ रहा था मुझे मजा आने लगा था.मैंने टीवी के चैनल चेंज करने का नाटक किया और फिर से पिज्जा में मस्त हो गई तो उस ने मौका देख के जांघ को मसलना शुरू कर दिया और थोड़ा अन्दर की और हाँथ बड़ा के मेरे पेंटी को छूने लगा तो मैंने थोड़ा सा नाटक करते हुए उस के हाँथ पर चांटा मारा और कहा की हटो भी क्या मस्ती कर रहे हो और उस की तरफ नकली गुस्से से देखा तो मुझे समझ में आ गया की धर्मेश का चेहरा लाल होने लगा था उस पर मस्ती छाने लगी थी मैं समझ गई की तीर निशाने पर लग गया है अब ज्यादा देर नहीं है मेरी सील टूटने में अन्दर से डर भी लग रहा था की पहली बार है ऐसा ना हो की सह नहीं पाऊं मैं लंड को अपनी छोटी सी चूत में फिर सोचा की जो होगा देखेंगे मर जवानी का मज़ा तो लेना है आज चाहे कुछ भी हो जाये मैं फिर से टीवी की तरफ देखने लगी मन टीवी में नहीं लग रहा था पर नाटक तो करना था ना की धर्मेश ये न समझे की उस की गर्ल फ्रेंड तो बिगड़ी हुयी लड़की है मैं चाहती थी की वो ही मुझ से कहे की आज सेक्स कर लेने दो मुझे ताकि मेरा काम भी हो जाये और उस की नज़र में यह भी रहे की मैंने धर्मेश के कहने पर ही अपनी सील तुडवाई हैमैंने धर्मेश को रोका नहीं तो उस की हिम्मत और बढ़ गई उस ने जांघ पर हाँथ फेरना बंद कर दिया और अब उस ने अपना हाँथ मेरे टॉप के नीचे से अन्दर ड़ाल दिया और मेरे बूब्स को मसलने लगा तो मैंने कहा हाय क्या कर रहे हो क्यूं शैतानी कर रहे हो यह कहते हुए मैंने उस के हाँथ को पकड़ लिया तो उस ने कहा की जानू प्लीज थोड़े मज़े ही ले लेने दो ना मैंने कहा हटो यह सब शादी के बाद करने के काम है किस तो चलता है यह सब नहीं. धर्मेश का तो तब तक मन बन गया था की आ मेरी ले के ही मानेगा तो उस ने मुझे प्यार की कसम देते हुए कहा की जानू तुम मुझ से प्यार करती हो तो मुझे आज रोको मत तो मैंने भी थोड़े नाटक करते हुए उसे मेरे बूब्स दबाने दिए तो मुझे भी थोड़ी मस्ती आने लगी मैं भी सिसकारी भरने लगी तो उस को और मजा आने लगा तो उस ने मुझे सोफे पर धकेल दिया और मेरे ऊपर चढ़ के मेरे लिप्स चूमने लगा और अपने हाँथ से मेरे बूब्स को मसलने लगा मैं उफ़ उफ़ करने लगी और उस से कहने लगी की हाय धर्मेश मत करो ना कुछ कुछ होता है अन्दर तो उस ने कहा की होने तो जानेमन प्यार की आग है जो तुम्हारे अन्दर जल रही है आज मुझे अपनी जवानी की आग को बुझा लेने दो कहते हुए मेरी स्कर्ट के उंदर हाँथ ड़ाल के उसे नीचे सरका दिया और फिर मेरी पेंटी में हाँथ ड़ाल के मेरी चूत को रगड़ने लगा | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |

अनुपमा – हाय क्या कर रहे हो आग सी लग रही है अन्दर मत करो नाधर्मेश – जानू आज जो हो रहा है हो जाने दो प्लीज मत रोको मुझे आज कहते हुए उस ने मेरे टॉप को ऊपर कर दिया और ब्रा को भी बूब्स से हटा के ऊपर कर दिया और फिर एक निप्पल को मुह में लेके चूसने लगा और दूसरे को अपनी उँगलियों में दबा के मसलने लगा.अनुपमा – क्या कर रहे हो लेस वाली ब्रा है फट जाएगी उतार लेने दोधर्मेश – जानेमन आज तो मैं जाने क्या क्या फाड़ दूंगा तुम नहीं जानती.अनुपमा – चलो हटो ना उतार लेने दो ना प्लीज धर्मेश – ठीक है उतार लो मैंने धीरे से अपना टॉप उतार के साईड में ड़ाल दिया तो उस ने हाँथ बढ़ा के मेरे ब्रा को उतार दिया और मुझे फिर से धक्का दे के नीचे सोफे पर गिरा दिया और फिर मेरे बूब्स को चूसने लगा और मसलने लगाथोड़ी देर बूब्स से खेलने के बाद उस ने मेरी स्कर्ट को खीच के नीचे ड़ाल दिया और मेरी मेंटी सरका के उतार दी और मेरी चूत को रगड़ने लगा अपनी उँगलियों सेधर्मेश – वाह जानेमन आज तो झांटे भी साफ कर रखी हैं तुम ने तोअनुपमा – हाँ आज कोई नहीं थी तो मैंने सोचा की चलो साफ़ कर लेती हूँ.धर्मेश – जानेमन आज तो सब कमाल कर रही हो तुम तो कहते हुए उस ने थोडा झुक के मेरी चूत को चूम लियाअनुपमा- म्मम्म सीईईईई क्या करते हो धर्मेशधर्मेश – इतनी प्यारी चूत को किस नहीं करू क्या अभी तो बहुत कुछ करना है उस ने मेरी चूत को उंगली से फाड़ा और अपनी जीभ अन्दर घुसा दीअनुपमा – सीईईईईईए हाय रे मर गई म्मम्मम्म मेरी सिस्कारिया सुन के उस को जोश आ गया और उस ने मेरी चूत को और जोर से चाटना शुरू कर दियाऔर तभी दरवाजा खुला ( क्यूंकि मैं दरवाजा बंद नहीं कर पाई थी क्योंकि धर्मेश ने मुझे खीच लिया था…

 

किस करने के लिए जब मैं लोक करने जा रही थी दरवाजे को )ऋषि और उस के एक दोस्त ने अन्दर कदम रखा और वह सोफे का नजारा देख के वह चिल्ला पड़ा बहन***** क्या हो रहा है यह साले हट वह से तेरी माँ की ****मैं अन्दर तक कांप गई ऐसा लग रहा था की जमीन फट जाये और मैं उस में समां जाऊं ऋषि – कमलेश भाई पकड़ साले को माँ चो** देंगे साले की मेरी बहन के साथ क्या कर रहा हे यह कमलेश – ठीक है ऋषि धर्मेश – अरे सुनो तो मैं जल्दी से अपने कपडे समेट के अपनी नंगे शरीर को छुपाते हुए अपने कमरे की तरफ भागी पलट के पीछे देखा तो ऋषि ने धर्मेश को धक्का दे दिया था पर कमलेश मेरे तरफ देख के हंस रहा था मुझे गुस्सा भी आया और शर्म भी मैं सीधे अपने कमरे में भाग गई अन्दर मैं जल्दी से अपनी ब्रा पेंटी पहन के जल्दी से बाकि के कपडे पहनने लगी तब तक धर्मेश के पिटने की आवाजे आती रही मैं कपडे पहनते हुए सोचने लगी की अब मैं मर गई भाई पापा को बता देगा और कमलेश मुझे पूरी कालोनी में बदनाम कर देगा चूत तो चुदाने मिली नहीं और बदनामी मुफ्त में मिल रही है. मैं कपडे पहन के अपने बेड पर जा के लेट गई मैंने सोचा की भाई आएगा तो क्या कहूँगी पर होना कुछ और था आज रिश्ते बदनाम होने थे भाई का सामना करने के बारे में सोचने रही थी वह कमलेश मेरे भाई को कुछ और समझा रहा था यह बात मुझे बाद में पता चली की कमलेश ने भाई को कहा की यार ऋषि मिठाई का डब्बा घर में रखा हो तो खाने की बनती है कोई बाहर वाला ( धर्मेश ) खाले यह गलत है | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | और फिर हम अगर कुछ कर भी ले तो तेरी बहन को कोई कमी थोड़ी हो जाएगी समुद्र में से एक दो लोटे निकाल लो तो पानी कम थोड़ी हो जायेगा तेरी बहन तो जवानी की आग में जल ही रही है यह लौंडा नहीं तो कोई और आ जायेगा उसे चोदने के लिए चूत तो है ही चुदने के लिए हम चोद ले तो हमारी नहीं तो बाहर वाला मजे ले जायेगा और हम ताकते रह जायंगे वैसे भी हम एक बार कर ले तो चूत का क्या बिगड़ जायेगा ( सच तो यह है की शायद भाई भी चाहता था की उस के बहन की जवानी का मज़ा लूट लिया जाये) उस ने कमलेश का साथ दिया और फिर उस ने मेरे कमरे में कदम रखा तो मैं सकपका गई मेरा रोना छूट गया मैंने रोते हुए भाई को कहा की भाई धर्मेश और मैं एक दूसरे से प्यार करते हैं हम शादी करने की सोच रहे हैं उस का ऍम. बी. बी. एस. हो जाये तो वह पापा मम्मी को भेजेगा हमारे यहाँ बात करने मैं अपनी ही धुन में कहे जा रही थी मैंने यह नहीं देखा की ऋषि वासना भरी नजरो से मुझे घूर रहा था फिर पीछे से कमलेश ने कमरे में कदम रखाअनुपमा – ऋषि कमलेश को कहे की वो बाहर निकल जाये यह हमारे बीच के बात है.कमलेश – क्यूं जब वह सोफे पर नंगी हो हो के चुदवा रही थी तब गेट बंद नहीं किया तब ध्यान नहीं आया की कोई आ जायेगा.अनुपमा – ऋषि इसे बाहर निकालो ना देखो न कैसी गन्दी भाषा में बात कर रहा ही मुझ से .कमलेश – अरे अभी गन्दा काम खुद कर रही थी ऐसी चुदास लग रही थी तो हम से कह देती बाहर वाले को बुलाने की क्या जरुरत थीअनुपमा – बन्तीईईईए चुप हो जा ऋषि कुछ कहते क्यूं नहीं अपने दोस्त कोऋषि – चुप साली एक तो घर में लौंडे बुला के मुह कला करवाती है और हमें चुप रहने को कहती हैमैं सन्न रह गई की भाई कैसी भाषा में मुझ से बात कर रहा है मैंने कहा की तुम दोनों बाहर निकल जाओअनुपमा – ऋषि तुम अपने दोस्त को ले के चले जाओ वरना मैं पापा मम्मी से तुम्हारी शिकायत कर दूंगीऋषि – तू क्या शिकायत करेगी वो तो मैं करूँगा तेरी अगर तुने मेरी बात नहीं मानी तो बताऊंगा की कैसे तू उस के साथ चुदवा रही थी. शादी करनी है तो ठीक है पर चुदाई करवाने कैसे बैठ गई तू.मैं चुप हो गई मुझे समझ में नहीं आया की क्या कहूं मुझे कुछ समझ में नहीं आया की क्या कहूं क्या करूअभी मैं कुछ समझ पाती की कमलेश आगे आया और मुझे बाहों में भर के मुझे किस करने लगा मैंने उस को धक्का दिया और ऋषि के तरफ देख के बोला की ऋषि ऐसे क्या देख रहे हो यह तुम्हारी बहन की इज्जत पर हाँथ ड़ाल तुम खड़े होऋषि – खड़ा तो मैं हूँ ही और मेरा लंड भी खड़ा हो रहा है तेरी जवानी देख के जब तू नंगी भाग रही थी ना तो पेंट में फनफना उठा था मेरा लौडा.कमलेश – साली तेरी जवानी देख के तो पूरा मुहल्ला तेरा दीवाना हो जाये हम दोनों की क्या हैअनुपमा – ऋषि तुम दोनों निकल जाओ मेरे कमरे से वरना मैं चिल्लाउंगीकमलेश – चिल्लाएगी साली क्यूं तू चाहती है की हम तेरे हाँथ पैर बाँध के तेरे साथ वो सब करे जो तुम अभी मजे ले के कर रही थी | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |  शांति से हम दोनों को खुश कर दे वरना आज तेरी इज्जत लूटनी पड़ेगी हमें कहते हुए उसने मुझे धक्का देके बेड पर गिरा दिया फिर उस ने ऋषि से कहा की ऋषि आजा अब किस का इंतज़ार कर रहा हैऋषि – इंतज़ार किस का करू कमलेश यार लौड़े को बहुत सरका लगा लगा की शांत किया है आज जब मौका है तो चूत को छोड़ दूंगा क्या?कमलेश – तो फिर आ जा जल्दी से कहते हुए उस ने मेरी स्कर्ट के अन्दर हाँथ ड़ाल दिया और मेरी चूत को मसल मसल के देखने लगाऋषि – सुन कमलेश पहले मेरी बारी क्यूंकि माल तो मेरे घर का है ना तो चूत के दरवाजे मेरे लौड़े से ही खुलेंगे फिर ऋषि ने मुझ से कहा की क्यूं साली छिनाल पहले कितनो के साथ चुदवा चुकी है?अनुपमा – भाई ऐसा मत करो मेरे साथ मैं तुम्हारी बहन हूँ कुछ तो सोचो भगवान् के लिए मैंने कभी किसी के साथ कुछ नहीं किया है मैं कुवारी हूँ अभी तक.ऋषि – भाई वाह आज तो मज़ा आ गया कुवारी लड़की की सील तोड़ने का मौका मिला है आक्जो कमलेश भाई मज़ा आ गया कहते हुए उस ने मेरे रोने को ना देखते हुएमेरे स्कर्ट को खींच के उतार दिया मैं हाँथ जोड़ के कहने लगी के प्लीज मुझे छोड़ दो लेकिन उन लोगो को सुनना थोड़ी था मेरी कोई बात वोह तो हवास की आग में पागल हो गए थे जैसे ही ऋषि ने मेरी स्कर्ट उतारी तो मेरी नंगी टाँगे देख के कमलेश पागल सा हो गया उस ने मेरी टांगो को ही जीभ से चाटना शुरू कर दियाऔर ऋषि बेड पर आ गया और मेरी पेट पर बैठ के मेरे टॉप को उतरने लगा तो मैंने अपने टॉप को पकड़ लिया तो उस ने गुस्से में उसे फाड़ दिया अब मेरा फटा हुआ टॉप एक तरफ गिरा पड़ा था उस ने गुस्से में मेरी ब्रा भी खीची तो वो भी तार तार हो गई ऋषि मेरे बूब्स को मसलने लगा कहने लगा की हाय रे कैसे प्यार हैं इतने गोरे ढूध तो मैंने कभी ब्लू फिल्मो में भी नहीं देखे हैं कहते हुए उस ने मेरे निप्पलस को खीचना शुरू कर दिया मुझे दर्द होने लगा मैंने कहा भाई ऐसा मत करो प्लीज मुझे लग रही है तो उस ने मुझे चांटा मारा और कहा की अब मुझे भाई कहा तो साली काट के रख दूंगा तेरे निप्पलस को ऋषि ने मेरे बूब्स को और जोर जोर से मसलना शुरू कर दिया वह कमलेश मेरे टांगो को चाट रहा था और धीरे धीरे ऊपर की तरफ बाद रहा था उस ने ऋषि को देख के मेरी पेंटी भी फाड़ के ही उतारीअब मेरे शरीर पर कपड़ो के नाम पर कुछ चिंदिया लटक रही थी | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | उस ने मेरी टांगो को फेलाने की कोशिश की तो मैंने जोर लगा के अपनी चूत को छिपा लिया टांगो को क्रोस में बंद कर लिया तो कमलेश ने ऋषि को कहा की ऋषि यह साली तो कुछ करने नहीं दे रही है यार टाँगे बंद कर ली साली ने तो ऋषि ने कहा की रुक जरा और कहते हुए उस ने मेरे निप्पलस को खीचना शुरू कर दिया ऊपर की तरफ मैं दर्द से चिल्ला पड़ी तो उस ने कहा की टाँगे खोल ले नहीं तो खींच के इतने लम्बे कर दूंगा की घुटनों तक लटकेंगे मैंने कहा ठीक है ठीक है मैं खोल रही हूँ टाँगे प्लीज निप्पलस को छोड़ दो कहते हुए मैंने अपनी टाँगे फैला लीतो ऋषि ने कहा की हरामी छोड़ने मत लग जइयो पहले मैं चोदुंगा तो कमलेश ने कहा नहीं यार पहले तेरी बारी है मैं तो सिर्फ चाट के थोडा रस पी रहा हूँ कुवारी चूत काकहते हुए उस ने मेरी चूत में ऊँगली ड़ाल दीकमलेश – हाय रे देखो तो कितनी गरम है चूत इसकी लगता है भट्टी लगा रखी है अन्दर ऋषि – अच्छा ! बूब्स भी बड़े मस्त है छिनाल के कहते हुए ऋषि मेरे ऊपर से उठ गया और बोला की अब तो साला लौडा पेंट के अन्दर रुक ही नहीं रहा कहते हुए उस ने अपनी पेंट अंडरवेयर समेट उतार कर फेक दी तो कमलेश ने मेरे चूत की फाको को अलग किया और उस के अन्दर अपनी जीभ ड़ाल दी और चूत के जी स्पोट को मसलने लगा उस ने मेरी चूत को चाट चाट के गीला कर दिया ऊपर से मेरी चूत को मसल मसल के लाल कर दिया अब मुझे भी मजा आने लगा था तो anjane में ही मैं अपनी चूत को उछलने लगी अपने आप ही मेरे अन्दर मस्ती आने लगी जब कोई लड़की मस्त हो जाती है तो उसकी कमर में अपने आप लोच आ जाती है उस की कमर अपने आप मचलने लगती है तो यह देख के कमलेश ने कहा की ऋषि भाई चूत पर मस्ती छाने लगी है चुदाई के लिए तैयार यह छेद यह सुन के ऋषि मेरे ऊपर से उठ गया और अपने लौड़े को मसलते हुए बोला की तो फिर मेरी बारी शुरू मेरे बाद तू निपट लेना मैंने देखा की ऋषि का लंड काफी बड़ा था मैंने धर्मेश का लंड तो कभी देखा नहीं था तो कह नहीं पाई की किस का बड़ा है ऋषि ने कहा की अनुपमा तैयार हो जा चुदाने के लिए कहते हुए उस ने मेरी चूत पर अपना लौडा रख दिया मस्ती तो मुझ पर भी छ गई थी पर मैं कुछ कह नहीं रही थी अपने आप को मैंने कंट्रोल कर रखा था फिर ऋषि ने मेरी चूत के छेद पर अपने लंड का दबाव बढाया तो लंड थोडा सा अन्दर गया पर मुझे ऐसा लगा की किसी ने चूत में चाकू ड़ाल दिया हो मेरी चूत में दर्द होने लगा तब तक ऋषि ने थोडा और जोर लगा के अन्दर डालने की कोशिश की तो मैं दर्द से चिल्ला पड़ीअनुपमा – ऋषि छोड़ दो मुझे लग रही है बहुत दर्द हो रहा है नीचेकमलेश – चुप रह साली कुवारी चूत है पहली बार तो लगेगी ही जब उस लौंडे से चुद्वाती तो नहीं लगती क्याऋषि – अनुपमा चुप चाप कर लेने दे नहीं तो मैं जबरदस्ती ड़ाल दूंगा प्यार से चुद्वायेगी तो आराम से करूँगामैं चुप चाप हो के वापस लेट गई तो ऋषि ने धीरे से थोडा और अन्दर ड़ाल दिया और मैं फिर दर्द से तड़प उठी ऋषि ने धीरे धीरे अपना लंड अन्दर पलना शुरू कर दिया मैं दर्द सह के लेती रही ऋषि आराम से ड़ाल रहा था | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | उस ने वापस निकाल लिया अपने लंड को और फिर एक बार धीरे से अन्दर ड़ाल दिया ऐसा करते करते उस ने अपने लौड़े को अचानक मेरी चूत में पूरा पेल दिया मैं दर्द से उचक गई आँख से आंसू निकल आये तो ऋषि ने कहा की अब बस पूरा चला गया है अब दर्द नहीं होगाकहते हुए ऋषि ने मेरे चूत को छोड़ना चालू कर दिया धीरे धीरे उस ने अपने लंड को आगे पीछे करना शुरू कर दिया तब तक कमलेश भी अपने कपडे उतार के नंगा हो गया था उस का ऋषि के मुकाबले थोडा छोटा थाकमलेश – ऋषि भाई मैं क्या अपना लौडा हाँथ में लिए खड़ा रहूँ क्या ?ऋषि – अरे यार तो मैं करू ? एक काम कर ना ब्लू फिल्मो की तरह तूभी अपना लौडा चुसवा के देख मजा आता होगा उस में भी कमलेश को बात जम गई वो मेरे ऊपर आ गया और अपना लंड मेरे मुह के पास लाते हुए बोला की चल जरा चूस के दिखा मेरे लौड़े को देखे तो कैसा मज़ा आता है मैंने कहाअनुपमा – छी छी मैं नहीं लेती मुह में गन्दा होता है यहकमलेश – साली नखरे ना कर अब जल्दी से मुझ भी खुश करना शुरू कर दे नहीं तो तेरी गांड में ही पेल दूंगाऋषि – ले ले अनुपमा वरना अभी तो चूत में दर्द है बाद में गांड में भी दर्द हो जायेगा हा हा हा….

अनुपमा – ठीक है पर प्लीज कमलेश से नहीं करवाउंगी मैं बहुत दर्द हो रहा है मुझेकमलेश – ठीक है पहले जरा लौड़े को चूस तो मैंने अपने मुह को थोडा था खोला तो कमलेश ने मेरे होठो पर अपने लंड को रख दिया तो मैंने भी उसे चाट के देखा तो मुझे स्वाद बड़ा अजीब सा लगा मैंने मुह हटा लिया तो उस ने मेरे सर को पकड़ के अपने लौड़े के पास लाते हुए कहा की चूस भी ले अब जानेमन तो मैंने थोडा मुह खोल के उस के लौड़े को अन्दर लिया तो मुझे भी मज़ा सा आया और ध्यान चूत की तरफ से हट गया तो दर्द भी कम लगने लगा मैंने कमलेश के लंड को चुसना चुरू कर दिया तो वो मस्ती से कहने लगा हाय रे बड़ा मज़ा आता है चुस्वाने में तो यार यह ब्लू फिल्म वाले तभी सबसे पहले मुह में देते हैं फिर चोदते हैं वह जाने मन मज़ा आ गया आज तो चूस अच्छे से चूस तभी ऋषि ने मेरी चूत में अपने लंड के धक्के तेज कर दिए अब मुझे भी मज़ा आ रहा था दर्द गायब हो गया था तो मैंने भी मज़ा लेने लगी चूत को उचका उचका के ऋषि का लंड लेने लगी 5 – 7 मिनट बाद ऋषि ने तेजी से मुझे चोदना शुरू कर दिया और अचानक ऐसा लगा की अन्दर कुछ गरम सा भर गया है ऋषि लस्त पस्त हो के अपने लंड को निकाल के कहने लगा अआः आः आह आज तो जन्नत का मज़ा आ गया कमलेश भाई मैं तो फ्री हो गया तेरी बारी है कमलेश फट से उठा और नीचे आ के मेरी चूत का निशाना लेने लगा उस ने अपना लंड डाला मेरी चूत में तो वो आसानी से चला गया क्यूंकि एक तो चूत फ़ैल गई थी थोड़ी और ऊपर से ऋषि के वीर्य ने अन्दर चिकनाई पैदा कर दी थी उस ने तेज़ी दिखाई और मेरे चूत में लंड पेलने लगा जोर जोर से तो अभी उस ने कुछ धक्के दिए होंगे की मुझे ऐसा लगा की मेरे उंदर से कुछ निकल रहा है ऐसा लगा की पेशाब आ गया है पर यह था जब मैं पहली बार झड़ी थी किसी लौड़े से. मेरा मन भर गया तो मुझे मज़ा आना बंद हो गया तो मुझे फिर से दर्द भी होने लगा था पर कमलेश था की रुक ही नहीं रहा था उस के धक्के तेज़ होते जा रहे थे वो तो ऋषि से ज्यादा फास्ट चुदाई कर रहा था मैंने कहा की मुझे दर्द हो रहा है तो ऋषि ने कहा की कुछ देर और पड़ी रह कमलेश को भी निपट लेने दे उसे भी तो पता चले की चूत में माल निकलने में क्या मज़ा आता है ऋषि मेरे बगल में आ के लेट गया और मेरे बूब्स से खेलने लगाकमलेश का लंड छोटा जरूर था पर वो ऋषि से ज्यादा दमदार था उस की चुदाई से मेरी चूत में जलन सी होने लगी पर मैं क्या करती चुप कर के उस के लंड को झेलती रहीतभी कमलेश के शरीर ने झटका खाया और उस ने भी मेरी चूत में अपना वीर्य निकाल दिया फिर से एक गरम अहसास से चूत भर गई कमलेश ने चूत से अपना लोडा निकलने की कोशिश नहीं की और मेरे ऊपर ही लेट गया हाँफते हुए ऋषि ने कहा की कमलेश मज़ा आया की नहीं तो कमलेश ने कहा की यार ऐसा लगा की अगर यह कहती की चूत चुदवाने का हजारो लुंगी तो भी मैं देने को तैयार हो जाऊं थोड़ी देर कमलेश मेरे ऊपर ही लेते रहा तब तक ऋषि मेरे बूब्स से खेल ता रहा | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |  फिर कमलेश उठा और उस ने कहा की एक राउंड और हो जाये क्या मैंने कहा नहीं अब नहीं अब मैं किसी कीमत पर राजी नहीं हूँ तेरे से चुदवाने के किये समझा अब निकल जा यहाँ से और अपनी शक्ल नहीं दिखाना मुझे ऋषि ने उसे इशारा किया की अब बस. ऋषि ने कहा की चल कमलेश अब बस करे तो मुझे लगा की लगता है की ऋषि की इंसानियत जाग गई है पर क्या कहूं तो कमलेश ने अपना लंड मेरे अन्दर से निकाल और अपने कपडे उठाये और बहार निकल गया और ऋषि भी अपनी पेंट पहन के बाहर निकल गयापहली बार में ही दो लोगो से अपनी सील तुडवा के मेरे अंग अंग में दर्द हो रहा था मैं अब घिन सी महसूस कर रही थी की छी सालो ने मेरे अन्दर ही अपनी गन्दगी निकाल दी. यही सोचते हुए मैं बेड पर से उठी ही थी की मेरी चूत में से कुछ निकलने का अहसास हुआ तो मैंने देखा की चूत में से खून निकल रहा था वोह बहता हुआ मेरी जांघ से फैलता हुआ नीचे आ रहा था साथ में दोनों के वीर्य का थोडा सा हिस्सा बाहर आ रहा था मैं तेज़ी में बाथरूम की तरफ बड़ी तो चलने में ऐसा लगा की चूत में दर्द की लहर उठ गई हो मगर मैं सब सहती हुयी बाथरूम गई वह मैंने अपने आप को साफ़ किया चूत को अच्छे से साफ़ किया और एक बार गरम पानी से सिकाई कीजब तक मैं बाहर आई अपने को साफ़ कर के तब तक कमलेश जा चुका था और ऋषि मेरे बेड पर नंगा लेता था और अपने खड़े लंड को सहला रहा था मैंने उसे देख के कहा की अब नहीं मेरे बस का नहीं है अब कुछ करना अभी अभी एक बार करवाया तो खून की धार निकल रही थी अब तो मैं मर ही जाउंगी तो वो बोला की करना तो तुझे पड़ेगा अब राजी राजी कर ले या जबरदस्ती वैसे भी सील एक बार टूटती है बार बार नहीं खून नहीं आएगा अब समझी अब आ जा जल्दी से और मुझे भी अपने लौड़े को चुस्वाने का मज़ा लेने दे साली कमलेश का तो बड़ा रस ले ले के चूस रही थीतो ऋषि ने मुझे पहली ही बार में पूरी रात भर चोदा पहली ही बार में मैंने इतना दर्द सहा की अब तो दर्द में ही मज़ा आता है उस ने मुझे चोदा तो चोदा ही साथ में मुझे अपना वीर्य भी पिलाया मेरी फिल्म भी बनायीं अपने मोबाइल से सुबह मैंने ऋषि से कहा की अगर मैं प्रेग्नेंट हो गई तो उस ने कहा की आज तो मैं गोली ला देता हूँ 72 घंटे वाली पर तू अब रोज़ वाली गोली खाना शुरू कर दे मैंने मना किया तो उस ने मुझे कहा की वो अपने 4 – 5 दोस्तों को ले आएगा किसी दिन मुझे चुदवाने के लिए और चुदवाना तो पड़ेगा तुझे उन से नहीं तो मेरी विडियो मेरे बॉय फ्रेंड को देखा देगा फिर भूल जाओ फिर उस डॉक्टर से शादी की तो और वैसे भी चूत घिस थोड़े जाएगी चुदवाने से हा हा हा ……..मैं क्या करती चुप रह गई फिर धीरे धीरे मुझे चुदाई का भूत सवार हो गया मैं एक निफो मेनिआक बन गई अब तो मुझे जितने लौड़े मिले कम हैं आगे तो मेरे भाई ने मुझ से हार मान ली थी लेकिन वो कहानी फिर कभी मैं अपनी जिंदगी की हर चुदाई को ऐसे ही कहानी के रूप में लाती रहूंगी आप के सामने आपकी अनुपमा पाठक |



loading...

और कहानिया

loading...


Online porn video at mobile phone


nokarani ke gand mare urdu story पतोह चोदा STORYHindi chcha bhtiji chodai kahnihindi sexey khaniyaantarvasna com hindi storyhindi sax khani didi koBuaji ki panti ma chad ki khaniAntarvasna latest hindi stories in 2018aus me maa ki chudai ki kahani14 saal ladki ki chudai Dard naak kahanisixegarl,schooalxxxभाई ने मुझे निद चोदा दीयपैसे के लिये बहन को धंधा मे उतार hindii sex.comमराठी भाषा सेस कहानियाँ chacha chachi hot sex story photo bhe dekhaiएक लड़की की ऐसी चूत की उसके अनदर चार लड़ घूस जाएकामुकता.कॉम भाइ बहन की चूदाइ की कहाँनियाँ व फोटोजदेशी बूर कहानी फोटो के साथxxxxhindi stonrinew hinde x kaniyaporn vdeo in hindi apne mausi ki nanad ko chode mousi ka ladkaचुदाइ सीलतोड़ चुदाइ गाव की औरत Sex stori hindi kamuktaबहेन को चोदा कुतिया बनाकरपाडी और पाडा सेकसीBudhi aurto ka sex video search uparwali aur Dhokhaसक सी वीडीयो हीनदी चुतhinde.ha.cuda.sex.stroy.comनई नवेली चाची ने खुलकर दीया चुत चुदाई का ओफर भतीजे को सेकसी कहानी हिन्दी मैंgand aor bur xxx potoyindian girls ki chut chudai ki all story and kahani hindi meचुदाईgang mari larki ki x khaniसगी।बहू।केसाथ।चुदाईxnxxभाबि चुत मे लठhindikhanisaxbhai se chudai rat main new kahaniअनजाने में बड़े लंड से चुदाई पर आया मजा स्टोरीsex story barish ma chachiHindi,mi,chudae,kee,kahane,www,com,xxxकिरायेदार और उसकी बेटी की चुदाई क्सक्सक्स वीडियोkahani xxxsexe hinde khanevivahit bhn xxx kahin xxx antrvsna 22 4 2018sagi cachi ke sath jhadiyo men hagne ki kahanilund chusaixxx bus me khade khade didi ki gaand maari khanikamukta pic comghar me khus kd xnxxxxx sexe darawani kahaniyamalkin ke kapde utar diye chor ne download xnxx videosex xxx ke liye kiya kiya jayekahaneesexPapa k boss ne choda ma kowww.nonvegstories.पंजाब सगा भाई बहन एक्स एक्स एक्स विडियोChachi ki Chaudai kahani 3some jaberdastise hindi mebanarasi ki xxx kahaniyaजेठ ने छोटी बहु को चोदाchudayiki sex kahaniya/hindi-font/archiveSUNNY LIVON KI GAAND CUDAI KI KEHANIYA SEXY XXXXमेरे परिवार मे चोदाईhot saxi gand khaneya doka new newsex storys hindi ma likhe huuegad ma land ragdna ke video antar vasnabaaq.baate.saxehindi.fudi.sxxx.hindisxxxमस्तराम सेक्स स्टोरी २०१८sexi hindei khani dewr bhabhi jija sala fathr betichodon kahani in englishKmuk सेकस कहानीबहु के साथ चुत की मस्ती जन्मदिन पर कहानी download sex kahaniचुदाई बहन की गस्ती कहानीaunty aur bhabhi ki chut mari x 8 motel unse kahani hindi maikalpana anti ki barsat me chudaiविदेशी आंटी घोड़ा का ल** चूसते हुए वीडियोgaon may chudai aunty ki muth marirajwapsxs stori hndiचोदाइ रिशते में कहानीma awr bhan ko coda hinde sax latarहिन् दी में जबरदस्ती की gang rap sex storyantarbasna xmxx मेरा और भाई का चुदाई का सिलसिला Xxx hot sexy Bahan ki gori gand ki malish story sex khani hindepariwar me chudai ke bhukhe or nange logchudayiki sex kahaniya/hindi-font/archiveDEVAR BHABHI अनतरवासनामा बाप बेटा बेटी ग्रुप सेक्सि काहानियारिश्तो मे चुदाई पापा ने चोदाreston ma chodai sex storyमस्त राम की गन्दी गंगी कहाणीआxxxमम्मी की कहानियांdirbar sistar सेक्स stoti hinbi xx