भाभी के साथ खेला चुदाई का खेल



loading...

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विक्की है और में नोएडा में किराए पर एक कमरा लेकर रहने वाला एक लड़का हूँ. दोस्तों आज में जो स्टोरी आप सभी लोगों के सामने लाया हूँ वो मेरी खुद की एक सच्ची घटना है और यह मेरी पहली कहानी है. दोस्तों मेरी यह कहानी तब की है जब में बीए फाईनल में था और अपने भैया भाभी के पास दिल्ली में किराए से रहता था और मेरे भैया नोएडा में एक बहुत बड़ी प्राइवेट कंपनी में नौकरी किया करते थे. दोस्तों मेरी भाभी दिखने में बहुत ही सुंदर है और वो मेरे भैया से बहुत प्यार भी करती है और में भी उन्हे पूरी इज़्ज़त देता हूँ. दोस्तों हम सभी एक ही कमरे में रहते थे और रात को वो दोनों बेड पर और में ज़मीन पर सोया करता था तो एक बार बहुत रात के बाद मुझे कुछ हल्की हल्की सी चीखने की आवाज़ आई, लेकिन मेरे उस समय बहुत गहरी नींद में होने के कारण मैंने गर्दन उठाकर देखा तो मुझे कुछ भी नहीं दिखा था तो में फिर से सो गया.

फिर अगली शाम को भाभी ने मुझसे कहा कि अरे सोनू तेरी सेहत मुझे ठीक नहीं दिख रही है तो तू आज से टाईम से सो जाना और मुझसे पूछा कि तुझे कितनी गहरी नींद आती है? फिर मैंने बताया कि बस इतनी गहरी भी नहीं, लेकिन सबसे पहले आप मुझे ठीक ठीक बताओ कि क्या हुआ है? फिर भाभी ने कहा कि ऐसा कुछ खास नहीं, लेकिन तेरे भैया कहते है कि मेरी नींद तो इतनी गहरी है कि अगर भूचाल भी आ जाए तो मुझे पता नहीं लगेगा, मुझे बहुत धक्के मारकर उठना पड़ता है और उनके चेहरे पर एक हल्की सी शरारत भरी स्माईल थी तो में कुछ समझ नहीं पाया था और मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया तो उसी शाम को 8.00 बजे भाभी ने मुझे बादाम गिरी वाला दूध पीने को दिया और बोली कि 10.00 बजे तक सो जाना और देर रात तक टी.वी. मत देखना.

फिर मैंने कहा कि ठीक है और फिर 9.30 बजे में नीचे ज़मीन पर बिस्तर लगाकर सोने की कोशिश करने लगा और थोड़ी देर बाद भैया भी आ गये और उन्होंने भाभी से पूछा कि सोनू का क्या हाल है और वो ठीक से सो तो गया है ना? तभी में सोचने लगा कि यह क्या हो रहा है और आज मेरी इन्हें इतनी चिंता क्यों? फिर में सो नहीं पाया, लेकिन में अब आंख बंद करके सोने की बहुत कोशिश करता रहा.

फिर लगभग 11.30 बजे रात को हल्की हल्की सी आवाज़ आई तो अब मुझसे रहा नहीं गया और में हल्का सा उठा और मैंने मुड़कर देखा तो बस मेरे तो होश ही हवा हो गये थे, क्योंकि मैंने देखा कि भाभी बिल्कुल नंगी होकर नीचे की तरफ लेटी हुई थी. फिर उन्होंने भैया के लंड को अपनी चूत पर लगाते हुए वो उनके लंड के ऊपर घोड़े की तरह बैठ रही थी और उनके 40 साईज़ के बूब्स हवा में उछलते हुए आवाज़ कर रहे थे, जिन्हे भैया बीच बीच में पकड़कर ज़ोर से दबाकर उनके बूब्स का जूस भी चूस रहे थे और कई बार तो भाभी नीचे की तरफ झुककर अपने बूब्स को भैया के मुहं में दे रही थी तो एकदम से भाभी ने मेरी तरफ देखा तो में सुन्न ही हो गया और मैंने वहीं पर अपनी आँखे बंद कर ली, लेकिन भाभी को लगा कि शायद में सो रहा हूँ और फिर बहुत देर तक ऐसे ही सब कुछ चलता रहा और मैंने भी देखकर बीच बीच में इन सबका मज़ा लिया, लेकिन तब से मेरी भाभी को देखने की नज़र ही बदल गई और अब में भाभी को पाने की नज़र से देखता था और मेरे ख्याल एकदम से बदल गये थे. में अब कोशिश करता कि कैसे भाभी को नंगी देख सकूं और उनको अपनी बाहों में एक बार ले लूँ और उनको प्यार करूं और उनकी चूत में अपना लंड डालकर चोद दूँ.

फिर एक दिन भाभी अपने कमरे में थी और उस समय थोड़ा सा दरवाज़ा खुला हुआ था और वो अपने कपड़े बदल रही थी तो में दरवाज़े के पास जाकर खड़ा हो गया और कोशिश करने लगा कि उनको देख सकूं और अब में उन्हे देख भी रहा था, लेकिन भाभी बहुत देर तक बिना कपड़े के ही खड़ी अपनी चूत को सहला रही थी और दीवार के पास खड़ी होकर अपने बूब्स को दीवार से चिपकाकर बहुत ज़ोर से दबा रही थी और तभी उनकी चूत ने पानी छोड़ दिया तो यह सब देखकर मेरा लंड भी अब बहुत गरम हो गया था, लेकिन तभी अचानक से भाभी पीछे की तरफ मुड़ी और शायद उन्होंने मुझे देख लिया था, लेकिन में झट से बाहर आ गया, लेकिन जब भाभी अपने कपड़े बदल कर बाहर आई तो उनकी तरफ से ऐसा कुछ भी नहीं हुआ, जिसकी वजह से में डरता और फिर मैंने समझा कि उनको शायद कुछ नहीं पता है और अब तो लगभग हर रोज़ यही सब चलता रहा और अब भाभी कमरे से बाहर निकलकर मुझे एक हल्की सी स्माईल भी दे जाती और जिसको में बिल्कुल भी नहीं समझ पा रहा था.

फिर एक दिन में कॉलेज से घर पर आया तो मैंने देखा कि दरवाज़ा खुला हुआ है और भाभी नाईटी पहनकर सो रही है और में उनके बिल्कुल पास खड़ा होकर उन्हे देखने लगा. फिर मैंने देखा कि उनकी नाईटी तो एकदम जालीदार है और उन्होंने अंदर कुछ भी नहीं पहना है तो मेरा लंड फिर से गरम हो गया, लेकिन तभी भाभी अपने हाथ को अपनी चूत की तरफ ले गई और धीरे धीरे सहलाने लगी और एक हाथ से अपने बूब्स को मसलने लगी. में पागल हो रहा था और फिर वहीं पर खड़े होकर मैंने मुठ मारना शुरू कर दिया, लेकिन कुछ ही देर बाद मेरा पानी भाभी की नाईटी के ऊपर गिर गया और में बहुत डर गया कि अब क्या होगा? में बाहर आ गया और अपना लंड साफ करने लगा और फिर कुछ देर बाद चुपचाप आकर सोफे पर बैठ गया.

फिर थोड़ी देर के बाद भाभी नाईटी में ही बाहर निकली और मुझे देखकर एकदम से चकित हो गयी और वापस कमरे में जाकर कपड़े बदलकर बाहर आकर पूछने लगी कि तू कब आया? फिर मैंने कहा कि बहुत देर हो गयी है तो मेरी यह बात सुनकर भाभी ज़ोर से हंसने लगी और एकदम से मेरे बिल्कुल पास आकर बैठ गयी और हम दोनों बातें करने लगे. दोस्तों अगले सोमवार से भैया की ऑफिस में 6 दिन तक दिन रात की शिफ्ट थी जो कि भाभी ने मुझे बातों ही बातों में बताया था और कहा कि तुम कुछ दिन कॉलेज मत जाना, में घर पर बिल्कुल अकेली हूँ और हम दोनों बातें करेगे और कुछ मज़ा भी.

फिर अगली रात को में फिर से जल्दी सोने का नाटक करके सो गया और अब इंतजार करने लगा कि कब उनकी चुदाई का प्रोग्राम शुरू होगा. फिर थोड़ी देर बाद भैया, भाभी दोनों बेड पर थे और भाभी उनसे बात कर रही थी कि अब तो आप कुछ हफ्ते के बाद ही वापस घर लौटोगे तो में अपनी प्यास का क्या करूं जो कि आपने अभी तक पूरी तरह से नहीं बुझाई है? में आपके बिना इतने दिन कैसे में काटूँगी? और इतने दिन बिना सेक्स के कैसे रहूंगी? और आज आप मेरी बहुत जमकर चुदाई करो कि मेरी दो हफ्ते की कसर अभी निकल जाए. फिर भैया बोले कि अरे सोनू भी तो इसी कमरे में है तो कैसे करें? तभी भाभी ने कहा कि अरे आप उसकी क्यों फिक्र करते हो वो तो मुझसे भी गहरी नींद में सोता है तो में बिल्कुल चकित हो गया कि मैंने ऐसा तो कभी नहीं कहा तो फिर भाभी ऐसा क्यों कह रही है?

फिर भैया ने भाभी के कपड़े उतारना शुरू किया तो में भी थोड़ी खुली आँखो से सब कुछ देख रहा था तो में बिल्कुल पागल हो गया कि मेरी भाभी कितनी सुंदर है और रात में क्या ग़ज़ब लगती है. अब मेरे लंड का बहुत बुरा हाल था, जो कि भाभी की चूत में पहुंचने के लिए बिल्कुल बैताब हो रहा था. फिर मैंने अपने लोवर के अंदर हाथ डाल लिया और अपने लंड को धीरे धीरे सहलाने लगा और वो दोनों मुझे नहीं देख पा रहे थे, क्योंकि उनके सर तो दूसरी तरफ थे और पैर मेरी तरफ थे. तभी भैया भाभी के ऊपर आ गए और सेक्स करने लगे, बस वही घोड़े की तरह ऊपर नीचे हो रहे थे और कई बार तो भाभी भैया के लंड को अपने मुहं में लेकर लोलीपोप की तरह चूसती जा रही थी, लेकिन तभी भाभी ने अपनी पीठ भैया की तरफ कर दी और चेहरा मेरी तरफ करके सेक्स करने लगी और कई बार मुझे देखने की कोशिश करती कि में कहीं जाग तो नहीं रहा, लेकिन मैंने भी अपनी आंख थोड़ी बंद करके सब कुछ देख रहा था और भाभी सेक्स करती रही और पूरे हफ्ते ऐसे ही चलता रहा और में इन दिनों मुठ मारकर ही गुज़ारा करता रहा.

फिर आख़िर वो दिन आ ही गया जब भैया अपने ऑफिस में 6 दिन के लिए चले गये और अगले दिन से भाभी ने अधिकतर समय जालीदार नाईट सूट पहनने शुरू कर दिए, जिसमें से सब कुछ साफ साफ दिखता था. फिर भाभी ने मुझसे पूछा कि क्या तेरी कोई गर्लफ्रेंड है? तो मैंने मना कर दिया और कहा कि मुझे नहीं पता कि लड़कियों से कैसे बात करते है? फिर भाभी ने कहा कि क्या तू मुझसे बात नहीं कर रहा, यह कोई इतना मुश्किल काम तो नहीं है तो फिर किस बात का डर?

फिर रात को भाभी ने मुझसे कहा कि तुम आज से मेरे साथ ही बेड पर सो जाओ, कहाँ ज़मीन पर लेटोगे? लेकिन में फिर से नहीं समझ सका कि रात को भाभी ने मुझे भी अपने साथ सोने को क्यों कहा? फिर मैंने मन में सोचा कि आज तो मेरी लॉटरी निकल गई और मैंने भाभी के ऊपर तो ज़ोर से अपनी टागों को रख दिया और अपने एक हाथ को भी उनके बूब्स पर रख दिया और अब में गहरी नींद में ना जाने क्या क्या कर रहा था. तभी देर रात को अचानक से मेरी नींद खुली और मैंने देखा कि भाभी अम्म्म आआआआअ जैसी आवाज़ निकाल रही है और अपने बूब्स और चूत को सहला रही है और सपने में भैया का नाम लेते हुए अपनी एक उंगली अपनी चूत के अंदर बाहर कर रही थी.

फिर में यह सब देखकर डर गया और मैंने सोचा कि में उठकर बाहर चला जाऊँ, लेकिन इतनी देर में मेरे शैतानी दिमाग़ ने कहा कि क्यों ना इस मौके का फ़ायदा उठाया जाए? फिर मैंने हल्की सी शुरुवात की और अब में भाभी को सहलाने लगा और कुछ देर के बाद मैंने उनके बूब्स भी दबाने शुरू कर दिए, लेकिन उस समय भाभी बहुत गहरी नींद में थी, क्योंकि भाभी ने मुझसे पहले भी कहा था कि उनको बहुत गहरी नींद आती है तो में अब बिल्कुल भी डर नहीं रहा था, लेकिन फिर भी में बहुत सतर्क था कि कहीं मुझसे कोई ग़लती ना हो जाए तो इसलिए मैंने सब कुछ धीरे से शुरू किया और सबसे पहले तो दोनों पैरों को एक साईड में रखकर चेहरे के पास जाकर किस करना शुरू कर दिया और फिर यह सब कुछ ऐसे चल रहा था कि जैसे किसी अंधे के हाथ बटेर लग जाती है, में वैसे ही धीरे धीरे सब कुछ करने लगा और अब मैंने किस भी शुरू कर दिया और चूत में भी अपनी बीच वाली उंगली अंदर बाहर करने लगा. फिर जब इससे भी भाभी नहीं जागी तो मैंने फिर से पूरी हिम्मत करके में बहुत देर तक भाभी के बूब्स को दबाता रहा और चूसता भी रहा.

फिर अच्छी तरह से किस भी किया और उनके दोनों बूब्स को पकड़कर उनके बीच में अपने लंड को डालकर मुठ मारना शुरू किया ही था कि फिर शैतानी दिमाग़ की बत्ती जली और उसने कहा कि जहाँ इतना कुछ हो चुका है तो क्यों ना अब एक बार भाभी की चूत का भी स्वाद अपने लंड को करा दिया जाए? फिर मैंने अपने लंड को जैसे ही भाभी की चूत के दर्शन कराए तो वो पूरी ताक़त के साथ तनकर खड़ा हो गया और कहने लगा कि अब तो सब्र नहीं होता है, डाल दो अपनी भाभी की चूत के दरवाजे में और मुझे भी तो देखना था कि किसी की चूत मारने का एहसास कैसा होता है? और जैसे ही मैंने अपना लंड भाभी की चूत में डाला तो भाभी के मुहं से आवाज़ आने लगी कि जैसे भाभी अब पूरी तरह से तैयार हो चुकी है और भाभी आआआआ अम्म्म्ममममम जल्दी आईईईईई करो आह्ह्ह्हह्ह नहीं, अब तो सब्र नहीं होता और अब भाभी पूरे जोश में थी और मोनिंग भी कर रही थी.

फिर मैंने अपने घोड़े को भाभी की चूत में डालकर जैसे ही भगाना शुरू किया तो बस में भगाता ही रहा और अचानक ही गहरी रात को बंद कमरे के दरवाज़े में एकदम अंधेरे में मेरी नींद खुल गयी और में अब एकदम से परेशान हो गया कि यह सब क्या हुआ? लेकिन तभी मैंने देखा कि भाभी मेरे लंड के ऊपर बैठी हुई है और मेरे लंड को अपनी चूत में डालकर चुद रही है.

फिर में बिल्कुल दंग हो गया और उनसे पूछ बैठा कि यह सब क्या है भाभी और ऐसा क्यो? तो भाभी ने कहा कि अच्छा बच्चू पहले तो सपने में बहुत ज़ोर ज़ोर से मेरी चुदाई की और मज़ा भी बहुत लिया और वो सब कुछ किया और कुछ बाकी ना छोड़ा और अब नींद खुल गई है तो पूछते हो कि यह सब क्या है? तो जो हो रहा था, वो सब क्या था? मैंने कहा कि में बिल्कुल भी समझा नहीं कि आप यह सब क्या कर रही है?

भाभी ने कहा कि इतने भोले मत बनो और में सब जानती हूँ कि तुम्हारे मन में मुझे पाने के लिए कितनी बैताबी थी और अभी भी है और कई बार तो मैंने तुम्हे सपने में मेरे नाम से मुठ मारते हुए भी देखा है और कुछ दिन तो तुम दोपहर को जब सोते हो तो अपने लंड को लोवर से बाहर निकालकर मेरा नाम लेते हुए मुठ मारते हो और जब से मैंने तुम्हारा इतना मोटा और बड़ा लंड देखा है तो मेरा भी मन था कि में तुम्हारे लंड को अपनी चूत का मज़ा दूँ और तुम्हारे लंड का में मज़ा लूँ, लेकिन कुछ हो नहीं रहा था, लेकिन तुमने रात को मेरे पैर पर अपनी जांघे अड़ा दी और थोड़ी थोड़ी देर में मेरे पैरों को सहला रहे थे. फिर तुम अचानक अपने हाथ को अपनी पजामे में ले जाकर अपने लंड को पकड़कर ज़ोर से ऊपर नीचे करके हिलाने लगे और तभी तुमने उस अपने नाग को बाहर निकालकर हिलाना शुरू कर दिया, जिसे में अपनी आखों के सामने देखकर बिल्कुल दंग हो गयी और बस फिर तो उसे पाने के लिए बैताब हो गयी और में तो कब से चाहती भी थी.

फिर तुम मेरा नाम लेकर मुठ मारने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन तभी मैंने सोचा कि तुम्हारे इस लंड की प्यास में जरुर बुझाऊँगी और फिर मैंने भी हिम्मत करके तुम्हारे लंड को अपने हाथ में लेकर उसे हिलाना शुरू किया तो तुमने अपना हाथ छोड़ दिया. फिर मैंने उसे अपने मुहं में लेकर बहुत देर तक चूसा, जैसे कि वो एक लोलीपोप हो और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, क्योंकि मैंने कभी इतना मोटा और लंबा लंड नहीं देखा और तुम्हारे भैया का भी इतना बड़ा नहीं है और मेरी चूत के आखरी तक नहीं पहुंच पाता.

फिर मैंने धीरे धीरे से अपने सभी कपड़े उतार दिए और तुम्हारा पजामा भी उतार दिया और तुम्हारी शर्ट को भी ऊपर से खोल दिया और खुद भी बिल्कुल नंगी होकर मुझे चाटने लगी और ऊपर से लेकर नीचे तक प्यार करने लगी और फिर कुछ देर बाद तुम्हारे ऊपर चड़कर तुम्हारे लंड को अपनी चूत के छेद के दर्शन करवाए और जैसे ही तुम्हारे लंड को अपनी चूत में डालना शुरू किया तो मुझे शुरू में थोड़ा बहुत दर्द जरुर हुआ, क्योंकि तुम्हारा लंड बहुत मोटा और लंबा है, लेकिन में फिर भी धीरे धीरे से इसे अपनी चूत के भीतर गहराईयों में ले जाना चाहती थी, लेकिन मुझे बहुत दर्द हो रहा था और पूरा मज़ा भी आ रहा था.

फिर जैसे ही मैंने तुम्हारे लंड के ऊपर नीचे होना शुरू किया तो में बिल्कुल पागल ही हो गई, क्योंकि मुझे इतना मज़ा तो आज तक अपनी चुदाई में पहले कभी नहीं आया था और मेरी चूत ने कभी किसी के लंड से इतनी गहराई से चूत नहीं मरवाई थी, जो कि अब धीरे धीरे फट रही थी और में ज़ोर ज़ोर से कह रही थी कि हाँ और ताकत से और ज़ोर से धक्का मारकर मेरी चूत को फाड़ डालो. फिर तुम हवा में शायद मेरे बूब्स ढूढ़ रहे थे और तभी तुम्हारा हाथ मेरे बूब्स पर आ गया और मैंने भी अपने बूब्स को तुम्हारे हाथों के हवाले कर दिया, जिसे तुमने तो बस नींबू की तरह ही निचोड़कर खाली कर दिया और बीच में तो तुम मेरे एक बूब्स को इतनी शिद्दत से पी रहे थे, जैसे मुझे लगा कि आज तो इनमें से किसी एक का वज़न कम होकर ही रह गया और तुम तो बस पागल की तरह मेरे एक एक बूब्स को दबाते ही जा रहे थे और मुझे दर्द के साथ साथ अच्छा ख़ासा मज़ा भी आ रहा था.

फिर एक बार चुदाई करते करते तुम मेरी चूत में ही झड़ गये और में तुम्हारी एक साईड में लेटकर तुम्हारे ऊपर अपने पैर और हाथ रखकर थोड़ी देर के लिए रुक गयी और फिर से मेरा मन हुआ कि क्यों ना एक बार और किया जाए? तब मैंने तुम्हारे लंड को खड़ा करने के लिए तुम्हारे लंड को अपने मुहं में फिर से लेकर चूसना, चाटना शुरू कर दिया और तुम्हारा लंड खड़ा होते ही फिर से एक बार यह सब शुरू हो गया और तभी तुम्हारी नींद खुल गयी और तुम कह रहे हो कि यह सब क्या है?

दोस्तों अब मैंने भी मन ही मन इस मौके का फ़ायदा उठाना ठीक समझा, क्योंकि जब हम दोनों ही एक दूसरे को पाने की उम्मीद से है तो क्यों ना अब सारी दूरियों को मिटा दें? अब वो मुझसे बोली कि वैसे भी तो तुम्हारे भैया भी 6 दिन के लिए बाहर है तो क्यों ना हम एक दूसरे की प्यास को मिटा दें?

दोस्तों उन्होंने अपने मुहं से यह बात कहकर मेरे मन की बात को अपने मुहं से कह दिया, क्योंकि अब में भी उनसे वहीं चाहता था, जिसकी उन्हे मुझसे उम्मीद थी. फिर हम दोनों ने पूरे 6 दिनों और रातों को लगातार बहुत जमकर सेक्स किया. पहले दिन तो मैंने भाभी की बहुत जमकर गांड मारी और दूसरे दिन भाभी के साथ बाथरूम में शावर के नीचे और बाथटब में चुदाई का खेल खेला.

फिर तीसरे दिन भाभी के साथ किचन में उन्हे किचन की शेल्फ के ऊपर बैठाकर बहुत जमकर चोदा और चौथे दिन भाभी को डॉगी स्टाइल में खड़ा करके कुतिया की तरह चोदा और पाँचवे और छठे दिन तो भाभी भी बिल्कुल पागल सी हो गई थी, क्योंकि बेड पर आते ही भाभी सिर्फ़ और सिर्फ़ सेक्स ही करना चाहती थी और जब में उसकी चूत को मारता तो भाभी अपनी चूत को उठा उठाकर मेरे लंड को अपनी चूत में अंदर तक घुसाती और मुझे और खुद को बहुत मज़ा देती थी. अब जब भी हमे मौका मिलता है तो में भाभी पर चड़ जाता हूँ और भाभी भी मेरा पूरा पूरा साथ देती है, लेकिन मेरी यह चुदाई ज्यादा समय नहीं चली क्योंकि करीब तीन महीने की चुदाई के बाद भैया का तबादला हो गया और अब भैया भाभी के साथ मुंबई चले गये और में फिर से एक बार बिल्कुल अकेला हो गया हूँ, लेकिन में आज भी उनकी चूत को सोच सोचकर मुठ मारता हूँ. दोस्तों यह थी मेरी चुदाई की कहानी जिसमे मैंने बहुत मज़े किए.



loading...

और कहानिया

loading...


Online porn video at mobile phone


www fakig only indin randi ful sxs hindi mi batysex kahani maa ko choda khet ghumane ke bahanehamari khaanixxxसेकसी सटोरीwww.garryporn.tube/page/%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%B8-%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%AA-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%AB%E0%A5%81%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%B5%E0%A5%80-2-%E0%A4%98%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-torrent-135801.htmlkutte ki lund gand me fas gayavivahit bhn xxx kahingandisex kahameyaसोती हुई माँ सोन क्सनक्सक्स कहानीmarathi romantik kahniya sex1 bhai 2 bahan sex story hindi likha huaantarwasna sex sex storedidi chud chud k randi bnn gyiwww.xxx video mar ke ruwa diya.comchachi ko kutte ne choda hindi sexy antarvasnameri biwi ka 2 patan no ne balatkar kiya hindi writing sexy stories by.comमोसि को नादा भतीजेने चोदpadosan ke chudai sexxxxgav me ghaghra uda ke choda sex storisxxx.geer.marji.sex.comजांघो में लंड डाला सैक्स कहानीxxx videos babi hd hendi pahadikriket prends xxx vPNJABN KI CHUDAI KI STORY HINDI MEgandi story bhabhi ki malishपापा ने छोड़ा माँ समझ के, हिंदी सेक्स स्टोरीज https://www.nonvegstory.com › papa-ne-... xxx kahni papa and batodidi ne apne sasural mein jagaya sexy video indian.comxxxcom choti bhain hindi istorrysaxy kahani kamukte combini baba xxnxxxcomभाई bhien xxxhindai कहानीछोटे लोगो कि सकसि विडियोोBua ka dewana storyschool bus me jbrdsti sex ki kahaniAntar vasna storimarid.didi.ki.pyas.ko.sant.kiamari choti se bati ne chut chati chutwww.pron.sexi.paribar.me.chudai.khaniya.com.inxxx गरम चुदाई मजा चुमा पिकचरwww xxx com the achha transport lundsexkahaniya hindemevidab bahan sax kahanixxx ma ne khua pelwaya bur kholkarnonvage story rape bahanभोजपुरी कपडे पाड के xxx विडियो बनाने वालीsaale ne gaad faad di jije ki xxxमराठी.सेकसी.कहानी.फोटो.के.सातdidi.ki.chudai.hidi.ma.antravasnaभाभी के साथ रात बीतयantarvasnahttp://bktrade.ru/sasur-ka-land-meri-gand-mein-ghusa-barsat-mein/pudi dikhnae wala vidieo indain vidieogair mard de tren me xxxstori bagal bali ki chudai xxxPainter ne meri chut rang diखेत मे मिली चुत चार एक सातJeth bahu anjane me sax story hindiGane ke Kat ma kocoda xxx khanimastram antyभाभि चोदने का सेकसी पीचरभाभी के बहन ने चोदना सीखाऐ स्टोरीviideo sex niku sara bhbhiबुआ की चुतमराठी सेक्स स्टोरीwww.देवर अपनी लबी लड।से भाभी की चोदाई करता बिडीयो कमchud ki kahani mms page 23pdos vali nangi bhabihinde sex stori cidahi jaghl mexxx jabardasti hawas pati bijnesh myanbolti kahani rape hindi60 Sal dadi ki chudai ki xxx kahani hindi mastramhindi sax xxxkhanixxxcudai ke kahani hindesex maa barsath hind storywww.bua ki jhantwali bur ki cudaixvideos.bacha utth gayaचिकनी बुर का मजा x kahani bhabhi ko shadi kewww.saxy.hindi.stories.bate.biwi.nokar.new.storiescal grl ki pehli gair mrd se chudai ki story hindi medard ho raha hai parn hube कोमvery hot chudai ki short kahaniya caca ki grilxxx kahaniSEX KAINE HINDE MAबीच पर जबरदसत चुदाईCACE KE XXX KAHANElady teacher rape by student hindi storybhan ne bhaiko jabr dsti choda storykamukta.comस्वाति भाभी हॉट स्टोरीWww.muuy papa शेकष कहाणी .comhindi sex kahani-ek gaov mai do doston ki kahani maa bahen kixxx khaniya adio didi aur bhai