चार लडकों को कमरे में बुलवाकर मैं चुदवाया बिना किसी प्यार दुलार के



loading...

मैं श्यामा आप सभी का bktrade.ru पर बहुत बहुत स्वागत करती हूँ. मैं आप सभी को अपनी मस्त कहानी सुना रही हूँ. मैं आपको बताना चाहती हूँ की मैं एक बहुत अल्टर औरत हूँ. किसी भी जवान मर्द को देख के मेरे मन में यही सवाल आता है की कास इसका लंड खाने को मन जाए. मैं एक बहुत ही गर्म औरत हूँ और भगवान जाने क्यूँ मेरी काम वासना की भूख बुझती ही नही है. मैं सहारनपुर की रहने वाली हूँ और बहुत ही बदनाम औरत हूँ. लोग मुझे श्यामा छिनाल के नाम से जानते है. मैं आये दिन गली के लडकों को घर में बुला लिया करती थी. उस दिन की बात आज भी मेरे दिमाग में कैद है. मेरा पति एक फैक्ट्री में काम करता था. वो जादा कमा नहीं पाता था. इसलिए मेरा उससे आये दिन झगड़ा हुआ करता था.

‘तू आदमी के नाम पर कलंक है. हर मर्द अपनी औरत को ५०० १००० रूपए देता है. पर तू तो मुझे हर रोज १०० रूपए भी नही दे पाता. जा जाकर कहीं डूब मर!!’ इस तरह से मैं हर रोज अपने पति को कोसा करती थी. आये दिन उसकी क्लास लगाया करती थी. एक दिन वो मुझसे इतना तंग आ गया की उसने मेरी ही साडी से पंखे से लटककर जान दे दी. उसके बाद दोस्तों, मैं छुट्टा सांड हो गयी. जब भी गली का कोई लड़का मुझे दिख जाता मैं उसे घर में बुला लेती और खूब चुदवाती. वो दिन मुझे याद कई. मेरी गली का लकड़ा गुड्डू सड़क से गुजर रहा था. वो मेरी ओर देख रहा था. मैं भी कई दिनों से नही चुदी थी. मैं भी उसकी ताड़ने लगी और ताड़ते ताड़ते मैं उसे आँख मारी और घर में आने का इशारा किया. गुड्डू एक बहुत ही सीटियाबाज लड़का था. सारा दिन वो आवारा गर्दी किया करता था. सारा दिन केवल चूत ही ढूढ़ता था.

जब मैंने गुड्डू को इशारा किया तो वो बेहद खुश हो गया. मैं अंदर गयी. मैंने दरवाजा खोल दिया. गुड्डू अंदर आ गया. मैं उसके सीने से लिपट गयी. वो मुझे डायरेक्ट चोदना चाहता था. मैं भी उससे सीधे चुदवाने के मूड में थी. हम दोनों के बीच में कोई प्यार व्यार जैसी बात नही थी. मेरी चूत बहुत गर्म कर रही थी. जबतक कोई मोटा लौड़ा मेरी बुर को चोद नही देता. तब तक मुझे शान्ति नही मिलती. antarvasna,kamukta,antervasna,अन्तर्वासना,desi kahani

‘गुड्डू! लौड़ा देगा? मेरी चूत बहुत प्यासी है’ मैंने कहा

‘हाँ जरुर दूंगा. श्यामा ! मेरी जान, तू तो अच्छी तरह जानती ही है की मैं रोज रोज चूत ढूंढने निकलता हूँ. इसलिए मैं जरुर तुझे लौड़ा दूंगा’ आवारा मिजाज गुड्डू बोला. मैं बहुत चुदासी हो गयी. आज के लिए लौड़े का इंतजाम हो गया था. क्यूंकि बहुत दिनों से मुझे लौड़ा खाने को नही मिला था. मैं बहुत ही जादा गर्म और चुदक्कड़ औरत थी. अगर किसी दिन अपने भोसड़े में लौड़ा लेकर नही चुदवाती थी तो मुझे बड़ा खाली खाली लगता था. अंदर कमरे में जाती ही मेरे मोहल्ले का महा आवारा लड़का गुड्डू मुझसे चुम्मा चाटी करने लगा. मेरे ओंठ पीने लगा. ‘गांडू मैं तुझसे प्यार दिखाने नही लाई हूँ. चोदना है तो चोद वरना दफा हो जा.’ मैंने गुस्सा होकर कहा. ‘अरे श्यामा जान!! जब तक मेरे गुलाबी ओंठ की लाली नही चुराऊंगा तब तक कैसे मेरे लौड़े में ताव आएगा’ गुड्डू बोला. इसलिए मैंने उसे अपने मस्त मस्त ओंठ चूसने दिए.

फिर उसने मुझे बिस्तर पर लिटाकर मेरी साड़ी खोल दी. मुझे नंगा कर दिया. मेरी चूत को वो अपना मुँह लगाकर पीने लगा. काफी देर तक गुड्डू मेरी चूत को पीता रहा. मेरी चूत में ऊँगली करता रहा. वो बड़ी जोर जोर से मेरी चूत में ४ उँगलियाँ एक साथ डालकर फेट रहा था. गुड्डू की इस हरकत से मेरी गांड फट गयी. मेरी माँ चुद गयी. गुड्डू मुझे किसी रंडी की तरह समझ रहा था. ‘ले रंडी !! आज मेरी उँगलियों से भी चुदवा ले. आज तुझे इतना चोदूंगा की दोबारा किसी दुसरे लकड़े की तरह नही देखेगी. आज तुझे इतना चोद दूंगा की तेरी वासना और काप पिपासा हमेशा हमेशा के लिए शांत हो जाएगी’ आवारा गुड्डू बोला. उसने कई जोर जोर से चांटे भी मारे. फिर से मेरी चूत में अपनी ४ ऊँगली डालकर फेटने लगा. मेरी चूत के ओंठो को वो अपने मुँह से पी रहा था. मेरी चूत बहुत सुंदर थी. बड़ी कजरारी चूत थी मेरी. फिर गुड्डू ने मेरी चूत में लौड़ा डाल दिया और मुझे चोदने लगा. आह मुझे कितना सुख मिला मैं आपको बता नही सकती हूँ. कितने दिनों से मैं लौड़े की प्यासी थी. पति के मरने के बाद ऐसा कोई भी मर्द मेरे पास नही था जो चोद चोदके मेरी काम पिपासा शांत कर सके.

पर आज गुड्डू की मैं बहुत जादा अहसानमंद थी. वो मुझे ताबडतोड़ तरह से चोद रहा था. मेरी चूत में उसका ८ इंच का लौड़ा पूरा अंदर तक जा रहा था. वो इस बात का पूरा ख्याल रख रहा था की मैं कायदे से चुदु. मेरी चूत में अंदर और गहराई तक लौड़ा जाए और मुझे चोद चोदकर पूरा सुख पहुचाये. गुड्डू इस बात का पूरा ध्यान रख रहा था. सच में वो आवारा गुड्डू एक अलसी मर्द था. उसका लौड़ा बहुत मोटा और मजबूत था. वो मुझे हपाहप चोद रहा था. जैसे कोई किसान कुदाल से जल्दी जल्दी धरती को गोड़ता है. जमीन खोद के रख देता है. ठीक उसी तरह आवारा गुड्डू मेरी चूत को खोद रहा था. उसने बड़ी देर तक मेरी पलंगतोड़ पेलाई की और फिर झड गया. मैं हांफने लगी. ‘हा हा हा ‘करके मैं हाफ़ने लगी.

‘ओय गुड्डू तू तो बड़ी मस्त फुद्दी मारता है रे!! कहाँ सिखा तूने इस तरह चूत मारना??’ मैंने गुड्डू से पूछा

‘श्यामा मेरी जान!! बचपन में मेरा बाप मेरी गांड मारा करता था. जब मैं बड़ा हुआ तो मैं अपने उपर हुए जुल्म की भड़ास अपनी बहन से निकाली. मैं अपनी बहन को हर रात चोदने लगा. बस तभी से मैंने ये हुनर पा लिया’ गुड्डू बोला. कुछ देर बाद मैं फिर से उससे चुदवाने को तैयार थी. गुड्डू ने मुझे कुतिया बना दिया और मेरी गांड और चूत के तहों में तेल लगा दिया और मलने कहा. उसने अच्छी तरह से मेरी चूत और गांड की मालिश की. बड़ी सेवा की मेरी. फिर गुड्डू पीछे से मेरे गोल गोल सफ़ेद चूतड़ों को चूमने लगा और सहलाने लगा. दांत से काटने लगा. बड़ी देर तक वो मेरे पिछवाड़े से खेलता रहा. फिर गुड्डू मुँह लगाकर मेरा चूत प्रदेश पीने लगा. मेरी चूत बहुत ही लाल, बहुत ही मस्त थी, जिसे गुड्डू भर भरके पी रहा था.

अपनी जीभ की नोक से गुड्डू मेरी चूत को खोदने लगा. इससे मेरी चूत में खल बली मच गयी. ‘बहनचोद!! गुड्डू तेरी माँ की आँख!! अबे खिलवाड़ क्यूँ कर रहा है. चोदना है तो चोद साले वरना अपनी माँ चुदा!’ मैंने उससे डाट दिया. इससे वो डर गया और सोचने लगा की मैं मेरा मन न बदल जाए और कहीं मैं उसे चूत देने से मना न कर दूँ. गुड्डू ने अपना बड़ा सा लौड़ा मेरे भोसड़े पर सेट कर दिया. सच में मैंने आज तक कई मर्दों से चुदवाया था. पर इतना बड़ा लौड़ा नही देखा था और ना ही खाया था. गुड्डू मुझे हप हप करके चोदने लगा. मैं आ आ हा हा हा ओ ओ करके सिसकारी लेने लगी. मोटा लौड़ा खाने में कुछ जादा मजा आता है. क्यूंकि इससे चूत अच्छी तरह से चुद जाती है. चूत की दीवारों में मोटा लौड़ा जादा रगड़ और जादा घर्षण पैदा करता है जिससे चरम सुख मिलता है. इस तरह मैं अपनी गली के आवारा लकड़े से मजे से चुदवाने लगी. मैं इस वक़्त कुतिया बनी हुई थी. गुड्डू मुझे चोद रहा था. फिर वो अचानक जोर जोर से इतनी जोर से धक्के देने लगा की मुझे लगा की जमीन ही खिसक जाएगी.

मेरे घर में पट पट का शोर बजने लगा. ये मेरी चुदाई और गहरी ठुकाई का मीठा शोर था. इस ध्वनि से आज मेरा घर पवित्र हो गया. मेरी चूत फटते फटते बची. फिर गुड्डू मेरी योनी में ही झड गया. फिर कई दिन हो गये गुड्डू नही दिखाई दिया. मैंने एक बच्चे को उसके घर भेज कर पुछवाया तो पता चला की वो बाराबंकी किसी काम से गया है और ३ महीने बाद आएगा. ये सुनकर मुझे बहुत निराशा हुई क्यूंकि अब मुझे कोई चोदने वाला नही था. १० दिन हो गए थे. मैंने किसी लडके का लौड़ा नही खाया था. अब फिर से मेरा दिल बेचैन होने लगा. शाम को मैं मार्किट सब्जी और दूध लाने लगी तो चौराहे पर ४ आवारा लुच्चे खड़े थे.

मैं उनको जानती थी. वो सारा दिन चौराहे पर खड़े होकर आवारा गर्दी किया करते थे. जो भी लडकियाँ वहां से गुजरती थी उन्हें भद्दी भद्दी कमेन्ट करते थे. मैंने ऊँ ४ लफंगे लकड़ों की तरह ध्यान से देखने लगी. क्यूंकि मैं उन लोगों से चुदवाना चाहती थी. ‘कैसे हो श्यामा भाभी?? कुछ काम हमने पड़े तो बताना. सब्जी दूध दही मंगाना हो तो हमे बताना’ वो आवारा लडके बोले. मैंने उसको शाम को ७ बजे आने को कह दिया. मैं जानती थी की वो जरुर आएँगे. मैं अच्छे से सज संवर गयी. जैसे ही ७ बजे वो आ गये. ‘बोलो भाभी क्या काम है??’ वो चारों बोले. मैंने अपना साड़ी का पल्लू हटा दिया और अपने बलाउस के गहरे गले को उन चारों की ओर झुका दिया.

‘अब बताओ? क्या तुम चारों कर सकोगे इस काम को??” मैंने आँख मारते हुए पूछा. वो चारों समझ गए की मैं उसने चुदवाने के लिए कह रही हूँ. ‘हा हा भाभी जरुर हम तुमको चोद देंगे अंदर कमरे में तो चलो. की यही हाल में ही चुदवाओगी??’ वो चारों लडके बोले. ‘यारो! कमरे में तो मैं बहुत चुदी हूँ. पर अब खुले में ही चुदवाने का मन है’ मैंने ऊँ चारों लफंगों से कहा. ‘इसमें क्या दिक्कत है. हम आपको खुले भी चोद लेंगे’ वो लुक्खे बोले. वो चारों मेरे उपर उपर टूट पड़े. कोई मेरी साड़ी खींचने लगा. कोई मेरा ब्लौस फाड़ने लगा. फिर वो चारो आवारा लुक्खे मुझपर कूद गये. किसी ने मेरे बाल खोल दिए. किसी ने मेरी साड़ी फाड़ दी. किसी ने मेरा ब्लाउस फाड़ दिया. उनलोगों में सिराज करके एक लड़का था. वो काफी लम्बा चौड़ा था, उसने अपना लौड़ा मेरे मुँह में दे दिया. सिराज का लौड़ा वाकई बहुत बड़ा और विशाल लौड़ा था. इसलिए मैं मजे से फेट फेटकर उसका लौड़ा चूसने लगा. कितना बड़ा लौड़ा, कितना गुलाबी और शानदार सुपाडा था सिराज का. वो कोई लुक्खा नही बल्कि कामदेव था. मैं अपने कोमल गोरे हाथों से सिराज का लम्बा लौड़ा फेट फेटकर चूसने लगी. लौड़ा पीने लगी. जबकि बाकी के ३ लडके अबतक मेरा ब्लाउस फाड़ चुके थे. मेरे मम्मे को पी रहे थे. हाल में एक बड़ा सा सोफे पड़ा था यही पर मेरा चुदाई समारोह चल रहा था.

मैं बदचलनी के साथ चुदवाना चाहती थी. वैसे भी सेक्स और वासना कोई छुपाने की चीज नही है. हर किसी को अपनी मर्जी से चुदवाने का हक है. इसलिए मेरी बड़ी दिनों की चाह आज पूरी हो रही थी. कबसे मैंने सपना देख रहा था की ४ लुक्खों से एक साथ चुदवाऊ. सिराज मेरे मुँह को चोद रहा था. जबकि बाकि तीन मेरे मम्मो को पी रहे थे. १ लड़का जिस्म नाम अतुल था, वो जमीन पर लेट कर मेरी चूत और मेरी गांड पी रहा था. जबकी भानु और अजीत मेरे एक एक मम्मे को मुँह में दबाकर पी रहे थे. सिराज ने बड़ी देर तक मेरे मुँह को अपने लौड़े से चूसा. फिर मुझे चोदने लगा. वो एक महान चुदईया था. सिराज का लौड़ा किसी पहलवान के लौड़े से कम नही था. वो इतने जोर जोर के धक्के मारने लगा की मेरी दोनों चिकनी चिकनी चूची हिलने लगी. मेरी चुच्ची बहुत जादा सुंदर थी. केवल मेरी रसीली छातियों को एक नजर देखने के लिए न जाने कितने लकड़े मुझ पर मर मिटते थे. ‘श्यामा भाभी!! एक बार! प्लीस एक बार अपनी चुचि दिखा दो’ मेरे आशिक मुझसे इस तरह की रिकुएस्ट किया करती थी.

मैं अपना ब्लाउस खोल खोल के दिखा दिया करती थी. सिराज मुझे भकाभक चोद रहा था. मेरे पुराने आशिक गुड्डू से भी ताबडतोड़ वो धक्के दे रहा था. फिर वो मेरे फटे भोसड़े में भी झड गया. सिराज हटा तो अतुल आकर मुझे चोदने लगा. उसका लौड़ा जरा पतला था. वो मुझे चोदने लगा. इधर भानु ने मेरे सर को बायीं तरह घुमा दिया. भानु मेरे बायीं तरह खड़ा था. उसने मेरे सर को बायीं तरह घुमा लिया और मेरे मुँह में लौड़ा दे दिया ‘रंडी! सिराज का लौड़ा तो खूब दिल लगाकर चूस रही थी. हमारे लौड़े में क्या कांटे लगे है. चल चूस छिनार!!’ भानु बोला. मैं मजे से उसका लौड़ा भी चूसने लगी. उधर अजीत ने मेरे हाथ पकड़ के अपने लौड़े पर रख दिया और बोला ‘रंडी तेरी चूत और मुँह तो इस समय बीजी है पर दांया हाथ तो खाली है. चल मेरे लौड़ा फेट’ अजीत बोला. दोस्तों इस तरह मैं ३ काम एक साथ कर रही थी. अतुल से चुदवा रही थी. भानु का लौड़ा मुँह में लेकर पी रही थी और अजीत का लौड़ा दाए हाथ से फेट रही थी. सिराज दूर से बैठकर मजे ले रहा था.

दोस्तों, मेरे मोहल्ले के उन चारों लडकों ने मुझे अलग अलग तरह से चोदा. सिराज और अतुल ने मुझे बड़ी जल्दी जल्दी खाया पिया, जबकि भानु और अजीत ने मुझे धीरे धीरे बड़े आराम से प्यार और दुलार से मेरी चूत मारी. कुछ दिनों बाद मेरा पुराना आशिक गुड्डू लौट आया. ‘क्यूँ श्यामा जान!! कैसी हो मेरी जान??” गुड्डू बोला

‘ठीक हूँ रे!! किसी तरह मेरे बिन काम चलाया. तेरे असलहे की बड़ी याद आई मुझे. बोल कब खिलाएगा??’ मैंने पूछा

‘आज ही रात में तुम्हारी सेवा कर देता हूँ’ गुड्डू बोला. रात को मैं नहा कर अच्छी तरह से सज धज गयी. मैंने हरे रंग की बिलकुल नई बनारसी साड़ी पहन ली. रात को मेरा आशिक गुड्डू आ गया. पहले तो उसने मेरे खूब मम्मे दबोटे, फिर छेड़खानी करने लगा. फिर उसने मेरे मुँह में लौड़ा दे दिया. वही मशहुर लौड़ा. गुड्डू मुझे लौड़ा चुस्वाने लगा. मैं लपर लपर करके लौड़ा चूसने लगी. गुड्डू मेरा पुराना यार मेरे दूध सहलाने लगी. मैं किसी देसी चुदक्कड़ रंडी की तरह उसका लौड़ा मजे ले लेकर चूसने लगी. फिर गुड्डू ने मुझे पूरी तरह से बेआभरू कर दिया. मेरे गोरे जिस्म पर एक भी कपड़ा नही था. गुड्डू ने जब मेरी चूत लेनी शुरू की तो रुका ही नही. फट फट करके मुझे चोदके ही रह गया. ना जाने वो क्या खाता था एक के बाद एक ५ बार उसने मुझे पेला और पांचो बार बड़ा गाढ़ा गाढ़ा माल उसने मेरे मुँह पर झार दिया. आज भी सहारनपुर में लोग मुझे विधवा समझते है, पर कोई ये बात नही जनता की मैं अपने पुराने यार गुड्डू को घर में सबकी नजरों से छिपकर चुदवा लेती हूँ. आपको मेरी मस्त चुदाई वाली कहानी कैसी लगी अपनी कमेंट्स नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर जरुर लिखें.



loading...

और कहानिया

loading...


Online porn video at mobile phone


bhanje ke sath holi or chudai storybhai behan 2sex storyगांडा कि चुदाईxxx ki gndi hindi kitabmami ko pata ke choda gand mari xxxboba chut ki jhujli mitai vidiocudai khani jangle me xxx nikitaxxx chudai kahani maa kodosto sechudte dekhapodshan mushalim bhabhi or devar sexy kahanniladki Palang par ladki Palang par ho rahi thi sexyvideocom ladke ne choda ladkiबहन की चूत स् खुन निकलता देखाtrain me parivar ki chudai sex kahanihindi ma saxe khaneyaanntvasna Hindi sex kahaniya feer nyuchoday stories teacherhindi sexsiaj mt dalona lund chud duk rahi hai bhot chud चुदाई कहानी नया मेमाँ बहन लेसिबिन सेक्स कथाbeti se sucking karwai hindi chudaai kahaanischool bus me jbrdsti sex ki kahaniwww.pron.sexi.hindi.rani.beti.chudai.khaniya.com.inchachi ke beti ko choda paisa dey k nahte dekhpariwar me chudai ke bhukhe or nange logबीर पेनटी जवान बहन की चूदाई के किस्से xxx ma khet me pesab karne ki kahani hindi mexxx.chudaikistorysex stories with pics in hindig b rod ki kotha ki chudaisexmosi maki gand marvae real sex Tory Hindi sax khani jabrannined m chudi sax kahaniMY BHABHI .COM hidi sexkhanewww.xnxx.जबर.दस्ति.मूवि .चोदना.com35 उमर की औरत की चुदाई की कहानियाwwwxxx.hoti baby dadपहली बार छूटे की चूड़ीxxx hindi mosa bhanjiki cudayidhdhi or batijha sex video HDsasur aair bahu ki kahanimassi ne seduce krke chudayanew hindi sex dot com pur chudai ke hindi kahaneix kahni larki ke jabnisexy hindi kahani parti me mila negro ka land marai gandsexx .ku.lut.aurat.kixxxbarish main gangbang sex story in hindibangali aorat ki boor khaniyachut aha Lawada xxx video HDxxx chut me first time lund dalne vaalaxxxkahanihindisuneeta or geeta cudai kahani hindiSTORIES OF JANGL ME CHODAIdost ki bhan ki chudi ki kahani ka page-4http://bktrade.ru/category/%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%81/%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%88/page/4/hindi ma saxe khaneyachudakkar badi boor mummy kiमसतराम ङाटdidi mom mami chachi bhua musi sex storyलेस्बीयन लडकीयोकी लंडसे चुदाईhindi chavat katha aunty sapcial sex story maumay didi aur maianterwasnahindisex reading storehindi cudai ki khaniसकसी हिंदी कहानीया कार ,बस ,टेंन चाचीमेरे पति ने मुझे इतना छोड़ा कि मेरी बुर फट गयीbhabi ki choot me jabardasti land dala hindi khaniकहानी चुदने कीgandi story bhabhi ki malishधोखे से कमरे में बुलाकर चुदाई की हिंदी कहानियांgaon me teen logo Se chudai aslime momsonxxx ghar me akeleभाभी को बाथरूम मे पटाकर चोदा हिन्दी कहानीक्सक्सक्स ट्रेन डब्बा सेक्स