कविता की चूत की प्यास

 
loading...

हैलो दोस्तो, मेरा नाम सुरेश है मैं ग्वालियर का रहने वाला हूँ और मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ।
Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai
मेरा रंग हल्का सांवला है, मेरी उम्र 23 वर्ष है। ऊँचाई 5′ 7″ है, भरा-पूरा बदन है और लंड 6 इन्च का है। अभी तक मैं अविवाहित हूँ इसलिए मेरे दिमाग में एक ही चीज रहती है और वो है चुदाई।

ये बात आज से 6 महीने पहले की है।

एक लड़की मेरी मित्र थी, जिसका नाम कविता था। वो लड़की अभी कॉलेज में पढ़ती है और मेरी उससे दोस्ती मेरी एक रिश्तेदार की बेटी की वजह से हुई जिससे कि मेरी अच्छी तरह पटती थी। वो एक छोटे कद की लड़की थी, उसकी लम्बाई कोई 5 फुट थी और उसका फिगर कोई 30-26-32 होगा। वो दिखने में ठीक तो थी, पर उसके दांत थोड़े से ख़राब थे।

हम अक्सर मिला करते थे, कभी होटल में कभी चाय की दुकान पर या कभी कभी कोचिंग पर मिला करते थे।

एक बार फ़ोन करके उसने मुझे अपने घर बुलाया जो कि एक चौराहे के पास पड़ता था। छोटा सा घर था, उसके मम्मी पापा कुछ काम से बाहर गए हुए थे। चूंकि मैंने सारा शहर देखा हुआ था तो मुझे उसका घर ढूँढने में ज्यादा दिक्कत नहीं आई।

जैसे ही मैं उसके घर पहुँचा तो उसने दरवाजा खोला और मुस्कुरा कर मेरा स्वागत किया। वो उस दिन जीन्स और टी-शर्ट पहने हुई थी। सफ़ेद रंग की टी-शर्ट और गहरे नीले रंग की जीन्स जो कि एकदम शरीर से चिपकी हुई थी। इस तरह के कपड़ों में कविता क़यामत ढा रही थी। हालाँकि देखने में वो ज्यादा अच्छी नहीं थी पर वो फिर भी ठीक लग रही थी।

खैर… मुझसे बैठने के लिए बोलने के बाद वो मेरे लिए पानी लाई और चाय बनाने की कहकर चली गई और मैंने पानी पीने के बाद उसके घर को देख रहा था लेकिन वो मुझे ज्यादा अच्छा नहीं लगा क्योंकि वो किराये के मकान में रहती है। इतनी देर में वो मेरे लिए चाय और नाश्ता लाई और हम दोनों ने चाय पीने के दौरान कुछ इधर-उधर की बातें की और चाय खत्म होने के बाद वो मुझे फ्रेश होने की बोलकर चली गई।

जब वो चली गई तो मैंने भी पास में रखे उसके कंप्यूटर को चालू किया और उसमे कुछ फाइलें ढूँढने लग गया और इत्तफाक से मुझे उसके कंप्यूटर में एक ब्लू-फिल्म मिल गई, जो कि मैंने चालू कर दी और मैं देखने में इतना मग्न हो गया कि मुझे पता ही नहीं चला कि कविता कब मेरे पीछे आकर खड़ी हो गई और वो भी मूवी को दखने लग गई।

वो देखते ही देखते अपने 32 साइज़ के मम्मे दबाने लग गई और उसके मुँह से कामुक आवाज निकलने लगीं। जब मैंने ‘सिसिसिसीईइ’ की आवाज सुनी और पीछे मुड़कर देखा तो कविता मेरे पीछे एक गाउन में खड़ी थी, जो कि बिल्कुल पारदर्शी था। जिसमें से उसकी ब्रा और पैन्टी साफ़ दिखाई दे रहे थे और मेरे मुड़ते ही उसने अपने होंठ मेरे होंठों से लगा दिए और हम दोनों की साँसें तेज़ हो गईं।

करीब 5 मिनट तक चुम्बन करने के बाद वो मुझे अपने पापा-मम्मी के कमरे में ले गई और मुझे बिस्तर पर लिटा कर वो खुद मेरे ऊपर लेट गई और मुझे ताबड़तोड़ चूमने लगी और फिर मैंने भी उसे बेहताशा चुम्बन किए और उसके गाउन के ऊपर से ही उसके मम्मे दबाने लगा। वो और गर्म होती जा रही थी और उसकी गर्म-गर्म साँसों से मेरा लण्ड भी खड़ा होकर 6” का हो गया था।

फिर मैं थोडा संभला और उसका गाउन उतारा तो देखा कि वो सुर्ख लाल रंग की ब्रा और पैन्टी पहने हुए थी और उसके मम्मे कबूतरों की मानिंद उसकी ब्रा में फड़फड़ा रहे थे।

मैंने जैसे ही उसकी ब्रा को खोला किया तो उसके दोनों मम्मे आज़ाद पंछी की तरह उड़ कर मेरे हाथों में आ गए। मैं उन्हें देखकर एक बच्चे की तरह चूसने लगा। बारी-बारी से कभी एक को चूसता तो एक को मसलता।

ये क्रम लगभग 5 मिनट चला और उसके बाद उसके पूरे बदन को चूसने के बाद मेरा मुँह उसके पैन्टी पर आकर रूक गया और एक ही झटके में मैंने उसकी पैन्टी उसकी टांगों से अलग कर दी।

मैंने देखा कि उसकी चूत बिल्कुल सफाचट है और जैसे ही मैंने उसकी चूत के होंठों पर अपना मुँह रखा तो उसके मुँह से एक ‘सिसकारी’ निकल गई और ‘आआआऔऊऊउईईईई’ की आवाजें निकलने लगीं।

वह मेरे सर को अपनी चूत पर दबाने लगी और कुछ बड़बड़ाने लगी ‘प्लीज़ मत..करो..र..र..उई..रे… र..र..!’

पर मैं तो अपनी मस्ती में उसकी चूत चाटने में लगा हुआ था। कुछ देर के बाद वो मेरे मुँह में ही झड़ गई और मैं अपने मुँह में वो रस लेकर उसके मुँह के पास गया और वो रस उसके मुँह में डाल दिया और वो उस रस को मस्ती में पी गई।

अब उसकी बारी थी सो मैंने उससे कहा- मेरा लंड चूस..!

तो पहले तो मना करने लगी, पर मेरे ज्यादा कहने पर उसने मेरा 6″ का लौड़ा हाथ में लेकर आगे-पीछे करने लगी और उसके बाद वो उसे मुँह में लेकर उसे लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। उसने मेरे लंड की इतनी चुसाई की कि मेरा सारा माल निकाल दिया और अपने मुँह में लेकर सारा का सारा माल पी गई, उसने एक बूंद भी नहीं टपकने दी।

मेरा माल निकलने के बाद में मैं लेट गया और उससे चिपक गया। थोड़ी देर बाद फिर से मेरा लंड खड़ा होना शुरू हो गया और इस बार मैंने सीधे उसकी चूत के मुँह पर ही अपना लंड रखा और एक हल्का सा झटका दिया जिससे कि मेरा लंड अन्दर नहीं जा पाया और बाहर निकल गया।

फिर कविता ने मेरे लंड को अपनी चूत के मुँह पर रखा और इस बार वो बोली- अब जोर लगा..!

तो फिर मैंने एक जोरदार झटका दिया जिससे कि मेरा लगभग आधा लंड उसकी चूत में चला गया और वो चिल्लाई- उई माँ… मर गई!

उसे दर्द होने की वजह से मैं थोड़ी देर रुक गया जब वो खुद कूल्हे उठा कर मेरा साथ देने लगी तो मैंने एक और झटका दिया, जिससे मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया।

अब जोरों से चुदाई चालू हो गई और यह पारी हमने कम से कम 20 मिनट की खेली और आखिरी में हम दोनों एक साथ झड़ गए और हम दोनों का रस मिल कर कविता की चूत से बाहर निकलने लगा। चुदाई का यह खेल खेलने के बाद हम बहुत थक चुके थे, तो हम एक-दूसरे के पास निढाल होकर गिर गए और जब हमारी आँख खुली तो देखा कि शाम के पांच बज चुके हैं।

हम उठे, फिर कविता ने अपना बिस्तर की चादर साफ़ की।

इसके बाद तो जैसे यह सिलसिला ही बन गया था। हम तक जब भी मौका मिलता तो उस पर चौका ज़रूर लगाते। फिर कुछ दिन बाद कविता ने मुझे उसकी एक और सहेली से मिलवाया जिसका नाम कि ज्योत्सना है। मेरी और ज्योत्सना की चुदाई कहानी बाद में फिर कभी लिखूँगा, पहले आप यह बताओ कि आपको यह कहानी कैसी लगी, यह एक सच्ची घटना है।

आपके जवाब का इंतजार।

हैलो दोस्तो, मेरा नाम सुरेश है मैं ग्वालियर का रहने वाला हूँ और मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ।
Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai
मेरा रंग हल्का सांवला है, मेरी उम्र 23 वर्ष है। ऊँचाई 5′ 7″ है, भरा-पूरा बदन है और लंड 6 इन्च का है। अभी तक मैं अविवाहित हूँ इसलिए मेरे दिमाग में एक ही चीज रहती है और वो है चुदाई।

ये बात आज से 6 महीने पहले की है।

एक लड़की मेरी मित्र थी, जिसका नाम कविता था। वो लड़की अभी कॉलेज में पढ़ती है और मेरी उससे दोस्ती मेरी एक रिश्तेदार की बेटी की वजह से हुई जिससे कि मेरी अच्छी तरह पटती थी। वो एक छोटे कद की लड़की थी, उसकी लम्बाई कोई 5 फुट थी और उसका फिगर कोई 30-26-32 होगा। वो दिखने में ठीक तो थी, पर उसके दांत थोड़े से ख़राब थे।

हम अक्सर मिला करते थे, कभी होटल में कभी चाय की दुकान पर या कभी कभी कोचिंग पर मिला करते थे।

एक बार फ़ोन करके उसने मुझे अपने घर बुलाया जो कि एक चौराहे के पास पड़ता था। छोटा सा घर था, उसके मम्मी पापा कुछ काम से बाहर गए हुए थे। चूंकि मैंने सारा शहर देखा हुआ था तो मुझे उसका घर ढूँढने में ज्यादा दिक्कत नहीं आई।

जैसे ही मैं उसके घर पहुँचा तो उसने दरवाजा खोला और मुस्कुरा कर मेरा स्वागत किया। वो उस दिन जीन्स और टी-शर्ट पहने हुई थी। सफ़ेद रंग की टी-शर्ट और गहरे नीले रंग की जीन्स जो कि एकदम शरीर से चिपकी हुई थी। इस तरह के कपड़ों में कविता क़यामत ढा रही थी। हालाँकि देखने में वो ज्यादा अच्छी नहीं थी पर वो फिर भी ठीक लग रही थी।

खैर… मुझसे बैठने के लिए बोलने के बाद वो मेरे लिए पानी लाई और चाय बनाने की कहकर चली गई और मैंने पानी पीने के बाद उसके घर को देख रहा था लेकिन वो मुझे ज्यादा अच्छा नहीं लगा क्योंकि वो किराये के मकान में रहती है। इतनी देर में वो मेरे लिए चाय और नाश्ता लाई और हम दोनों ने चाय पीने के दौरान कुछ इधर-उधर की बातें की और चाय खत्म होने के बाद वो मुझे फ्रेश होने की बोलकर चली गई।

जब वो चली गई तो मैंने भी पास में रखे उसके कंप्यूटर को चालू किया और उसमे कुछ फाइलें ढूँढने लग गया और इत्तफाक से मुझे उसके कंप्यूटर में एक ब्लू-फिल्म मिल गई, जो कि मैंने चालू कर दी और मैं देखने में इतना मग्न हो गया कि मुझे पता ही नहीं चला कि कविता कब मेरे पीछे आकर खड़ी हो गई और वो भी मूवी को दखने लग गई।

वो देखते ही देखते अपने 32 साइज़ के मम्मे दबाने लग गई और उसके मुँह से कामुक आवाज निकलने लगीं। जब मैंने ‘सिसिसिसीईइ’ की आवाज सुनी और पीछे मुड़कर देखा तो कविता मेरे पीछे एक गाउन में खड़ी थी, जो कि बिल्कुल पारदर्शी था। जिसमें से उसकी ब्रा और पैन्टी साफ़ दिखाई दे रहे थे और मेरे मुड़ते ही उसने अपने होंठ मेरे होंठों से लगा दिए और हम दोनों की साँसें तेज़ हो गईं।

करीब 5 मिनट तक चुम्बन करने के बाद वो मुझे अपने पापा-मम्मी के कमरे में ले गई और मुझे बिस्तर पर लिटा कर वो खुद मेरे ऊपर लेट गई और मुझे ताबड़तोड़ चूमने लगी और फिर मैंने भी उसे बेहताशा चुम्बन किए और उसके गाउन के ऊपर से ही उसके मम्मे दबाने लगा। वो और गर्म होती जा रही थी और उसकी गर्म-गर्म साँसों से मेरा लण्ड भी खड़ा होकर 6” का हो गया था।

फिर मैं थोडा संभला और उसका गाउन उतारा तो देखा कि वो सुर्ख लाल रंग की ब्रा और पैन्टी पहने हुए थी और उसके मम्मे कबूतरों की मानिंद उसकी ब्रा में फड़फड़ा रहे थे।

मैंने जैसे ही उसकी ब्रा को खोला किया तो उसके दोनों मम्मे आज़ाद पंछी की तरह उड़ कर मेरे हाथों में आ गए। मैं उन्हें देखकर एक बच्चे की तरह चूसने लगा। बारी-बारी से कभी एक को चूसता तो एक को मसलता।

ये क्रम लगभग 5 मिनट चला और उसके बाद उसके पूरे बदन को चूसने के बाद मेरा मुँह उसके पैन्टी पर आकर रूक गया और एक ही झटके में मैंने उसकी पैन्टी उसकी टांगों से अलग कर दी।

मैंने देखा कि उसकी चूत बिल्कुल सफाचट है और जैसे ही मैंने उसकी चूत के होंठों पर अपना मुँह रखा तो उसके मुँह से एक ‘सिसकारी’ निकल गई और ‘आआआऔऊऊउईईईई’ की आवाजें निकलने लगीं।

वह मेरे सर को अपनी चूत पर दबाने लगी और कुछ बड़बड़ाने लगी ‘प्लीज़ मत..करो..र..र..उई..रे… र..र..!’

पर मैं तो अपनी मस्ती में उसकी चूत चाटने में लगा हुआ था। कुछ देर के बाद वो मेरे मुँह में ही झड़ गई और मैं अपने मुँह में वो रस लेकर उसके मुँह के पास गया और वो रस उसके मुँह में डाल दिया और वो उस रस को मस्ती में पी गई।

अब उसकी बारी थी सो मैंने उससे कहा- मेरा लंड चूस..!

तो पहले तो मना करने लगी, पर मेरे ज्यादा कहने पर उसने मेरा 6″ का लौड़ा हाथ में लेकर आगे-पीछे करने लगी और उसके बाद वो उसे मुँह में लेकर उसे लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। उसने मेरे लंड की इतनी चुसाई की कि मेरा सारा माल निकाल दिया और अपने मुँह में लेकर सारा का सारा माल पी गई, उसने एक बूंद भी नहीं टपकने दी।

मेरा माल निकलने के बाद में मैं लेट गया और उससे चिपक गया। थोड़ी देर बाद फिर से मेरा लंड खड़ा होना शुरू हो गया और इस बार मैंने सीधे उसकी चूत के मुँह पर ही अपना लंड रखा और एक हल्का सा झटका दिया जिससे कि मेरा लंड अन्दर नहीं जा पाया और बाहर निकल गया।

फिर कविता ने मेरे लंड को अपनी चूत के मुँह पर रखा और इस बार वो बोली- अब जोर लगा..!

तो फिर मैंने एक जोरदार झटका दिया जिससे कि मेरा लगभग आधा लंड उसकी चूत में चला गया और वो चिल्लाई- उई माँ… मर गई!

उसे दर्द होने की वजह से मैं थोड़ी देर रुक गया जब वो खुद कूल्हे उठा कर मेरा साथ देने लगी तो मैंने एक और झटका दिया, जिससे मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया।

अब जोरों से चुदाई चालू हो गई और यह पारी हमने कम से कम 20 मिनट की खेली और आखिरी में हम दोनों एक साथ झड़ गए और हम दोनों का रस मिल कर कविता की चूत से बाहर निकलने लगा। चुदाई का यह खेल खेलने के बाद हम बहुत थक चुके थे, तो हम एक-दूसरे के पास निढाल होकर गिर गए और जब हमारी आँख खुली तो देखा कि शाम के पांच बज चुके हैं।

हम उठे, फिर कविता ने अपना बिस्तर की चादर साफ़ की।

इसके बाद तो जैसे यह सिलसिला ही बन गया था। हम तक जब भी मौका मिलता तो उस पर चौका ज़रूर लगाते। फिर कुछ दिन बाद कविता ने मुझे उसकी एक और सहेली से मिलवाया जिसका नाम कि ज्योत्सना है। मेरी और ज्योत्सना की चुदाई कहानी बाद में फिर कभी लिखूँगा, पहले आप यह बताओ कि आपको यह कहानी कैसी लगी, यह एक सच्ची घटना है।

आपके जवाब का इंतजार।



loading...

और कहानिया

loading...


Online porn video at mobile phone


Bhan ki blackmil kese kare xxx Hindi Khana Audiomaa ko bus me mile auncal Hindi sex story. comसिल तोडने की कहानी मम्मी पापा के साथshalini choti storyyou tube hot sexy bhabhi ki kahaniya padane walixxx hunde sex kahni.comchut ki chat kar sixxxxxxxxमराठी.बाई.ल.चुदाईबहन की चूत चूसाई कहानीMakan Me akeli ladhki chodai ki urdu Hindi kahanihindi ma saxe khaneyapariwar me chudai ke bhukhe or nange logMaine कवि ऎसा lund नहीं देखा था मेरी पहली chudai storybap se tel malis gand chodai kahaniशराबी चुतchodan storyexgirlfriend ko jabardasti choda sex storysamne wali pdosn saxi movix x x gp3 MH औरत साड़ी में सेकासी 2018 नया रिश्तों में कामुकता चुदाई कहानियाँxvideo Mummy aur mama ka Sasural main Mumbaiचूदझवाझवी कथा groupkaeneaya. xxx.hot.videoxxx sestar hendi khaneladkiy ke dudh se khelne wale ladko ki khani aur mjalode ne choot ka bhurta banayatait bur choda chodi sexy kahani imegeswww.hindime choda chodi ki sataya ghatnaye in.hindi ma saxe khaneyaसेक्सी नई कहानी हिंदी ग्रिल्स2 boy sexe nokrani khanidost ki bahan mast maal hai89 hindi hot storydeedi ne jeeja samjh kr mujhse chudwaya hindi storyseksi kahanisaxx kahani comभाई बहन कीहिन्दी सेक्ससटोरियोंदलि चि चुदाईpromotionke liye bhabhi ne chudai karai pass hone ki hindi storyxxx didi rep storiyapariwar me chudai ke bhukhe or nange logbhiga kapada me sexy foto cmsxi.xxx.mahrathi kahani comyoung hot sexy bhu ko sasur choda kahanichachi ko alag alg position me chodasexy kahniyabaresh mi choda kahnixxx hd full hindevma jor jor sa chodokamuktaमखमली चूत चुदाई करानी पडी hot goan mi moti unty with uski bahu ka doodhsexy khaneya with janberमम्मी चूड़ी ट्रक ड्राइवर से सेक्स स्टोरी हिंदीचोदने chota bhai bon sexyoutubtraining k dhoke se chodasex hindi storieskothai pur group chudaihot saxi kesa khaneyawww.sagi bahan ko garam ke choda,hindi sexstories.compelte moot xxnx repDEORIA PRIYANKA SAGAR KI SEXY HINDI KAHANIkutty ne chuda porn kahani.comसेक्सी वीडियो चुड़ै हो तोह खून निकलने वालीbhahi ki sexikaanikalpana ke gannd ke chudai ke kahani aur photo bhi xxnx commuslim pathan lund ke sath hindu bhabhihindi sex stories/chudayiki sex stories/tag/bktrade.ru/page no 69 tn 320Loveleen didi ka sath sex hindi hot storysex karte huye story hindi mshadishuda mausi ki ladki ko pataya sex kahanishadi ki phle codaeभतीजी को लन्ड दिखायाwww indianofficesexक्सक्सक्स स्टोरी दिल्ली स्कूलdesi mastram ki chudai xxxxxxपत्नी की बूर चूदाई जेठ के साथ हिन्दी bf six hd फूल मूवीहीनदी मेपंजाबी बुरसाधु बाबा ने चूची का दूध पिया bhabhi mdt s anty k choda khanisax.chadai.kahni.free.comगाव काराजा सैकसी कहानीsexy hindi kahani parti me mila negro ka land marai gandsimla.bhai.bhabi.sexसेकससमभोग कीकहानी